राष्ट्रीय
28-Apr-2026


-आईपीएस की नौकरी छोड़कर बीजेपी से लड़े चुनाव मनोज निनामा को मिली हार अहमदाबाद ,(ईएमएस)। गुजरात लोकल बॉडी चुनाव में बीजेपी ने विपक्ष का सफाया कर दिया है। नगर निगम से लेकर नगर पालिका और जिला पंचायत चुनाव में बीजेपी ने जीत हासिल की है। आईपीएस की नौकरी छोड़कर सियासी पिच पर उतरे मनोज निनामा बीजेपी की सुनामी में भी जीत दर्ज नहीं कर सके। इतना ही नहीं आम आदमी पार्टी से विधायक रहे भूपत भयाली की भी नैया पार नहीं हो सकी। स्थानीय निकाय चुनाव से ठीक पहले मनोज निनामा ने वीआरएस लेकर बीजेपी का दामन थामा था। निनामा गुजरात कैडर के आईपीएस अधिकारी थे, लेकिन राजनीति में आने के लिए नौकरी छोड़ दी। इसके बाद बीजेपी के टिकट पर अरावली के शामलाजी तालुका के ओध जिला पंचायत सीट से मैदान में उतरे थे। मनोज निनामा को बीजेपी ने आखिरी समय में प्रत्याशी बनाया था, जिसे लेकर सियासी माहौल काफी गर्म हो गया था। निनामा ने पूरे दमखम के साथ चुनाव लड़ा, उसके बाद भी जीत दर्ज नहीं कर सके। उन्हें उत्तर गुजरात के जिला पंचायत चुनाव में हार का सामना करना पड़ा। मनोज निनामा राजनीति में अपनी एंट्री की वजह खुद पर पूर्व आईपीएस अधिकारी और अपने करीबी दोस्त पीसी बरंडा का प्रभाव रहा। पीसी बरंडा गुजरात में जनजातीय विकास, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामलों के राज्य मंत्री हैं, वह अरावली जिले की भीलोदा विधानसभा सीट से विधायक भी हैं, जिससे प्रभावित होकर सियासी पिच पर उतरे। इसके बाद बीजेपी के सेजल गोहेल ने कांग्रेस में शामिल हो गए। गोहेल ने ही निनामा को मात दी है। गुजरात में आम आदमी पार्टी से पाला बदलकर बीजेपी में गए किसान नेता राजू करपड़ा को हार का सामना करना पड़ा है। वह सुरेंद्र नगर जिले की मूली-2 सीट से उतरे थे, लेकिन उन्हें भी जीत नहीं मिल सकी। इसी तरह से 2022 में आम आदमी पार्टी से भूपत भयाणी विधायक बने थे, लेकिन बाद में सियासी पाला बदलकर वह बीजेपी का दामन थाम लिया। भूपत भयाणी ने विधायकी और आम आदमी पार्टी से इस्तीफा देकर बीजेपी में शामिल हो गए थे। बीजेपी ने उन्हें जिला पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ाया था, लेकिन भयाणी को आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार ने हरा दिया। सिराज/ईएमएस 28अप्रैल26