29-Apr-2026
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बालोद (ईएमएस)। जिले के दल्ली राजहरा क्षेत्र में शासकीय उचित मूल्य की दुकानों से मिलने वाला गरीबों का राशन अब कालाबाजारी की भेंट चढ़ता नजर आ रहा है। आरोप है कि जरूरतमंद परिवारों को मिलने वाला चावल दलालों के जरिए खुले बाजार में ऊंचे दाम पर बेचा जा रहा है, जिससे सरकार की गरीब कल्याण योजनाओं पर सवाल खड़े हो रहे हैं। जानकारी के अनुसार, उचित मूल्य की दुकानों से चावल लेते ही बाहर खड़े दलाल गरीब हितग्राहियों से महज 20 रुपये प्रति किलो की दर से चावल खरीद लेते हैं। बाद में यही चावल किराना दुकानों और होटलों में 28 से 30 रुपये प्रति किलो तक में बेचा जा रहा है। हैरानी की बात यह है कि कुछ जगहों पर दलाल सीधे राशन दुकान के काउंटर तक पहुंच बना चुके हैं और वहीं बैठकर सौदेबाजी कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि दल्ली राजहरा में संचालित 15 राशन दुकानों में से अधिकांश में दलालों का दखल है। कार्डधारियों को चावल मिलते ही उन्हें नगद रकम का लालच देकर उनका हिस्सा खरीद लिया जाता है। आर्थिक तंगी, इलाज और पढ़ाई जैसी जरूरतों के चलते कई गरीब परिवार मजबूरी में अपना राशन बेच देते हैं। आरोप यह भी है कि इस चावल को इकट्ठा कर बड़े व्यापारियों तक पहुंचाया जाता है, जहां इसे पॉलिश कर आकर्षक पैकिंग में दोबारा बाजार में बेचा जाता है, जिससे उपभोक्ताओं को भी गुमराह किया जा रहा है। नियमों के मुताबिक राशन दुकानों का हर महीने भौतिक सत्यापन होना चाहिए, लेकिन लंबे समय से जांच नहीं होने के कारण स्टॉक और वितरण रजिस्टर में गड़बड़ी की आशंका जताई जा रही है। कुछ सेल्समैन पर दलालों से मिलीभगत के आरोप भी लगे हैं। मामले की शिकायतें कई बार दल्ली राजहरा के खाद्य अधिकारी से की गईं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। हालांकि जिला खाद्य अधिकारी तुलसीराम ठाकुर ने कहा है कि संबंधित अधिकारियों को जांच के निर्देश दिए जाएंगे और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। - (ईएमएस) 29 अप्रैल 2026