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29-Apr-2026
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पुलिस की गोली से बिहारी युवक की मौत पर मांझी के बिगड़े बोले नई दिल्ली,(ईएमएस)। देश की राजधानी दिल्ली में पुलिस की गोली से बिहार के खगड़िया निवासी 23 वर्षीय युवक पांडव कुमार की मौत का मामला अब एक बड़े राजनीतिक विवाद में तब्दील हो गया है। इस संवेदनशील मुद्दे पर केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी द्वारा दी गई प्रतिक्रिया ने आग में घी डालने का काम किया है। दिल्ली पुलिस के कॉन्स्टेबल द्वारा की गई इस फायरिंग पर जब मांझी से सवाल पूछा गया, तो उन्होंने कहा, यह कौन सी बड़ी बात है भाई, मार दिया तो मार दिया। अगर पुलिस की गोली से मरा है, तो कोई न कोई बात जरूर रही होगी। इसकी जांच होगी और अगर मारने वाला गलत पाया गया, तो उस पर कार्रवाई की जाएगी। मांझी ने आगे तर्क दिया कि कोई जानबूझकर किसी को नहीं मारता, किसी पर शंका होने पर ही ऐसी स्थिति बनती है। उनके इस मार दिया तो मार दिया वाले बयान के बाद विपक्ष हमलावर हो गया है। इससे पहले बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने इस घटना को लेकर केंद्र और राज्य की डबल इंजन सरकार पर तीखा प्रहार किया था। तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा के शासन में बिहारी होना ही सबसे बड़ा अपराध और देशद्रोह बन गया है। उन्होंने कहा कि पांडव कुमार की हत्या सिर्फ इसलिए कर दी गई क्योंकि वह बिहार का रहने वाला था, और इस घटना में उसका दोस्त कृष्ण अभी भी जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा है। उन्होंने दोषियों पर सख्त कार्रवाई और पीड़ित परिवार के लिए मुआवजे की मांग की है। वहीं, जब मांझी से तेजस्वी के इस आरोप पर प्रतिक्रिया मांगी गई, तो उन्होंने पलटवार करते हुए कहा कि तेजस्वी को 2005 के पहले का अपने पिता का शासन देखना चाहिए। घटना के बाद खगड़िया के सांसद राजेश वर्मा ने दिल्ली में पीड़ित परिजनों से मुलाकात कर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने इस घटना को कानून-व्यवस्था और मानवाधिकारों पर गंभीर सवाल खड़ा करने वाला बताते हुए कड़ी निंदा की। सांसद ने अपनी पार्टी की ओर से पीड़ित परिवार को दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की और न्याय दिलाने का भरोसा दिया। सांसद पप्पू यादव ने भी पीड़ित परिवार से मिलकर उन्हें सांत्वना दी है। खगड़िया जिले के गंगौर थाना क्षेत्र स्थित पांडव के पैतृक गांव में इस घटना को लेकर गहरा रोष व्याप्त है। स्थानीय लोगों के अनुसार, पांडव का पूरा परिवार रोजी-रोटी के लिए दिल्ली में ही रहता था। फिलहाल, पूरे बिहार में जनप्रतिनिधियों से एकजुट होकर इस बिहारी युवक को न्याय दिलाने की मांग जोर पकड़ रही है। वीरेंद्र/ईएमएस/29अप्रैल2026