:: प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना का दम : पश्चिम क्षेत्र में 410 मेगावाट से अधिक बिजली उत्पादन, 327 करोड़ की सब्सिडी सीधे खातों में पहुंची :: इंदौर (ईएमएस)। अब मालवा-निमाड़ की छतों से न केवल बिजली बन रही है, बल्कि आम नागरिकों के चेहरे पर चमक भी आ रही है। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना ने पश्चिम मध्यप्रदेश में ऊर्जा क्रांति की ऐसी अलख जगाई है कि इंदौर से लेकर रतलाम और उज्जैन तक घरों की छतें अब पावर हाउस बन गई हैं। योजना का असर यह है कि महज कुछ महीनों में सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने वाले उपभोक्ताओं का आंकड़ा 47 हजार के पार पहुंच गया है। इस बदलाव की सबसे बड़ी तस्वीर इंदौर में दिख रही है। शहर के सुपर कॉरिडोर और बायपास जैसे इलाकों में घरों के साथ-साथ अब दफ्तरों, कारखानों और दुकानों पर भी सोलर पैनल नजर आने लगे हैं। जुलाई 2025 में जहां इंदौर में 18,500 सौर संयंत्र थे, वहीं आज यह संख्या बढ़कर 27,100 से अधिक हो गई है। इंदौर के बाद उज्जैन, रतलाम और देवास में भी सौर ऊर्जा अपनाने की होड़ मची है। उज्जैन में यह संख्या 3,450 से बढ़कर 5,850, रतलाम में 1,850 से 4,560 और देवास में 2,250 से 3,720 तक पहुंच गई है। योजना के प्रति लोगों के इस बढ़ते आकर्षण का बड़ा कारण सरकार द्वारा दी जा रही आकर्षक सब्सिडी है। पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के कार्यक्षेत्र में अब तक 42 हजार से ज्यादा उपभोक्ताओं को 327 करोड़ रुपये की सब्सिडी डीबीटी के माध्यम से सीधे उनके बैंक खातों में पहुंचाई जा चुकी है। एक संयंत्र पर 78 हजार रुपये तक की सब्सिडी ने मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए इसे आसान और सुलभ बना दिया है। उपभोक्ताओं को आ रही तकनीकी दिक्कतों को दूर करने के लिए कंपनी ने कमर कस ली है। प्रबंध निदेशक अनूप कुमार सिंह ने स्पष्ट किया है कि नेट मीटरिंग और अन्य प्रक्रियाओं में जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जा रही है। उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास है कि आवेदक को एक बार भी दफ्तर के चक्कर न काटने पड़ें। प्रकरणों को तत्काल मंजूरी और सब्सिडी का समय पर भुगतान ही हमारी प्राथमिकता है। 410 मेगावाट की कुल क्षमता के साथ, यह क्षेत्र अब हरित ऊर्जा (ग्रीन एनर्जी) के हब के रूप में उभरा है। यह न केवल लोगों के बिजली बिलों को शून्य कर रहा है, बल्कि पर्यावरण को बचाने में भी बड़ी भूमिका निभा रहा है। आत्मनिर्भर ऊर्जा की ओर यह कदम आने वाले समय में मालवा-निमाड़ को एक नई पहचान देगा। प्रकाश/29 अप्रैल 2026