परिवहन मंत्री प्रदीप बत्रा तथा परिवहन आयुक्त को पत्र भेज समस्या निस्तारण की मांग देहरादून (ईएमएस)। पर्वतीय रूटों पर चलने वाली दैनिक रोडवेज बसों को हटाकर इन्हें चारधाम यात्रा मार्ग पर भेजने से जनसामान्य को हुई कठिनाइयों के निराकरण हेतु आवश्यक कार्यवाही की मांग करते हुए परिवहन मंत्री प्रदीप बत्रा तथा परिवहन आयुक्त बीके संत को भेजे पत्र में की गई। इस दौरान संयुक्त नागरिक संगठन की ओर से लिखे गए खतों में बताया गया की पहाड़ के यात्रियों के लिए आवागमन का मुख्य साधन यह रोडवेज बसे हैं। पहाड़ी मार्गों के 11 रूटों पर संचालित सरकारी बसों को परिवहन विभाग के इस कृत्य से होने वाले दीर्घकालिक परिणामों को जाने बिना इन्हें चारधाम यात्रा में लगा दिया गया है। पत्र मंे कहा गया है कि इन बस सेवाओं के बाधित होने से पहाड़ के लोगों को होने वाली कठिनाईयां उत्तराखंड राज्य की स्थापना की मूल भावना के विरुद्ध है। कहा गया है राज्य का गठन इसलिए नहीं हुआ था की यात्रियों की सुविधाओं का खामियाजा पहाड़ के लोग ही चुकाएंगे। मांग की गई है की उत्तराखंड परिवहन निगम को प्राइवेट कंपनियों से अनुबंध कर अतिरिक्त निजी बसों को यात्रा मार्ग पर लगाना चाहिए। पत्र में कहा गया कि क्योंकि जब वीआईपी रैलियों, कुंभ, कांवड़ आदि पर निजी बसें अधिग्रहीत की जा सकती हैं तो चार धाम के लिए भी यह संभव है। पत्र में सुझाव दिया गया की उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान के परिवहन विभागों से यात्रा काल के लिए बसें ली जानी चाहिए। शैलेन्द्र नेगी/ईएमएस/29 अप्रैल 2026