जबलपुर (ईएमएस)। जबलपुर जिलांतर्गत जनपद पंचायत सिहोरा के ग्राम अमगवां में संचालित पंचशील ग्राम संगठन और राधा स्व-सहायता समूह की राशि के गबन का एक बड़ा मामला सामने आया है। इस मामले में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत सिहोरा की शिकायत पर पुलिस थाना खितौला में समूह की अध्यक्ष कंचन नामदेव और व्यापारी विकास जैन के विरुद्ध एफआईआर दर्ज की गई है। जांच समिति की रिपोर्ट के अनुसार, आरोपियों ने मिलीभगत कर सरकारी योजनाओं और समूह के खातों से लाखों रुपये की हेराफेरी की है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत मामला पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू कर दी है। मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत जबलपुर के निर्देश पर गठित चार सदस्यीय जांच समिति ने जब वसुंधरा सीएलएफ और उससे जुड़े ग्राम संगठनों के दस्तावेजों की समीक्षा की, तो वित्तीय अनियमितताओं की पुष्टि हुई। जांच में पाया गया कि पंचशील ग्राम संगठन की अध्यक्ष कंचन नामदेव ने पद का दुरुपयोग करते हुए बैंक खातों का संचालन मनमर्जी से किया। उन्होंने समूह के सदस्यों और संगठन के हितों को ताक पर रखकर राशि का आहरण किया और उसे अनाधिकृत रूप से निजी लाभ के लिए उपयोग किया। जांच रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ है कि कंचन नामदेव ने सिहोरा के व्यापारी विकास जैन के साथ मिलकर सरकारी धन का दुरुपयोग किया। रिपोर्ट के अनुसार, ग्राम संगठन के खाते में उपार्जन कार्य के लिए प्राप्त 26 लाख 85 हजार 627 रुपये की राशि में से विकास जैन को कुल 28 लाख 80 हजार रुपये का भुगतान कर दिया गया। इसमें से एक बार 26 लाख 90 हजार रुपये और दूसरी बार 1 लाख 90 हजार रुपये का भुगतान किया गया। यह भुगतान नियमों के विरुद्ध पाया गया है, जिसमें विकास जैन की प्रत्यक्ष संलिप्तता सामने आई है। जांच के दौरान यह तथ्य भी सामने आया कि कंचन नामदेव ने स्वयं और अन्य नामों से भारी मात्रा में नकद राशि निकाली। उन्होंने पंचशील ग्राम संगठन से अपने नाम पर 4 लाख 20 हजार रुपये का आहरण किया। इसके अलावा संध्या और कंचन के नाम पर 2 लाख रुपये तथा 40 हजार रुपये नगद निकाले गए। इसी प्रकार राधा स्व-सहायता समूह के खाते से भी 1 लाखे 15 हजार रुपये नगद आहरण किए गए। स्वयं के नाम पर 4 लाख 75 हजार रुपये और रामप्यारी के नाम पर 1 लाख 25 हजार रुपये बैंक खाते से निकाले जाने के प्रमाण मिले हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, कंचन नामदेव ने अरिहंत रोडलाइंस से 3 लख रुपये ग्राम संगठन के खाते में प्राप्त किए और फिर उसे वापस प्रदान कर दिया। इसी तरह विकास जैन से 1 लाख 75 हजार रुपये ग्राम संगठन के खाते में प्राप्त किए गए। एक अन्य लेनदेन में विकास जैन से 2 लाख रुपये प्राप्त कर उसे अरिहंत रोडलाइंस को 2 लाख रुपये के रूप में भुगतान कर दिया गया। इन संदिग्ध लेनदेन का कोई ठोस आधार जांच समिति के समक्ष प्रस्तुत नहीं किया जा सका, जिससे गबन की पुष्टि हुई। भोपाल कार्यालय भेजी गई रिपोर्ट.... मध्य प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत वर्ष 2018 से की गई समीक्षा में इन सभी खामियों को पकड़ा गया। जिला पंचायत कार्यालय द्वारा बार-बार पत्र जारी कर जवाब मांगा गया था, लेकिन संतोषजनक उत्तर न मिलने पर एफआईआर के निर्देश दिए गए। खितौला पुलिस ने कंचन नामदेव और विकास जैन के विरुद्ध धारा 318(4), 316(5) और 3(5) बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध किया है। इस कार्रवाई की सूचना जिला कलेक्टर और राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन भोपाल को भी भेज दी गई है। अजय पाठक / मोनिका / 30 अप्रैल 2026/ 03.31