नई दिल्ली,(ईएमएस)। नई दिल्ली में इटली के रक्षा मंत्री गुइडो क्रोसेटो का आधिकारिक दौरा भारत-इटली संबंधों में महत्वपूर्ण पड़ाव बताया जा रहा है। अपने दौरे की शुरुआत उन्होंने नेशनल वॉर मेमोरियल पर शहीद सैनिकों को पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि देकर की। इस दौरान उन्होंने भारतीय सैनिकों के सर्वोच्च बलिदान को सम्मानपूर्वक नमन किया। इसके बाद मानेकशॉ सेंटर में उनका औपचारिक स्वागत किया गया, जहां उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और उनके इतालवी समकक्ष के बीच नई दिल्ली में अहम द्विपक्षीय वार्ता आयोजित की गई। इस बैठक में रक्षा सहयोग को और मजबूत करने, आधुनिक तकनीक के आदान-प्रदान, संयुक्त उत्पादन और अनुसंधान के क्षेत्रों में साझेदारी बढ़ाने जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। साथ ही, क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा से जुड़े बदलते हालात पर भी विचार-विमर्श किया गया। यह बैठक वर्ष 2023 में रोम में हुई उच्चस्तरीय वार्ता के बाद दोनों देशों के बीच बढ़ती नजदीकियों का अगला कदम मानी जा रही है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि भारत और इटली रक्षा क्षेत्र में औद्योगिक सहयोग को नई दिशा देने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इसके साथ ही भारत और यूरोपियन यूनियन के बीच बढ़ती रणनीतिक साझेदारी का भी इस संबंध पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह दौरा केवल औपचारिक नहीं है, बल्कि बदलते वैश्विक सुरक्षा परिदृश्य में दोनों देशों के बीच मजबूत और भरोसेमंद साझेदारी का संकेत है। वर्तमान समय में वैश्विक स्तर पर सुरक्षा चुनौतियां तेजी से बदली हैं, जिससे देशों के बीच रणनीतिक सहयोग की आवश्यकता और बढ़ गई है। गौरतलब है कि अक्टूबर 2023 में केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह की इटली यात्रा के बाद दोनों देशों के रक्षा संबंधों को नई गति मिली थी। उस दौरान रक्षा सहयोग बढ़ाने की प्रतिबद्धता जाहिर की गई थी। अब इटली के रक्षा मंत्री की यह पहली भारत यात्रा इस दिशा में ठोस प्रगति का संकेत देती है। इसके अलावा जनवरी 2026 में भारत और यूरोपीय संघ के बीच हुए रक्षा और रणनीतिक साझेदारी समझौते ने भी इस रिश्ते को और मजबूती प्रदान की है। हाल ही में केंद्रीय मंत्री सिंह ने रूस और चीन के रक्षा मंत्रियों से भी मुलाकात की थी, जिसमें अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा, सैन्य तकनीक और संयुक्त परियोजनाओं पर चर्चा हुई। कुल मिलाकर, यह दौर भारत की बहुपक्षीय रक्षा कूटनीति को और सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। आशीष दुबे / 30 अप्रैल 2025