मुंबई,(ईएमएस)। महाराष्ट्र की राजनीति में दो बड़े घटनाक्रम सामने आए, जिसने आगामी विधान परिषद (एमएलसी) चुनावों के समीकरण बदल दिए हैं। प्रहार जनशक्ति पक्ष के प्रमुख और फायरब्रैंड नेता बच्चू कडू ने मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल होने और अपनी पार्टी का विलय करने का फैसला किया है। कडू, जो 2024 के चुनाव में हार गए थे, ने शिंदे से मुलाकात के बाद बताया कि किसानों, खेतिहर मजदूरों और दिव्यांगों की मांगों पर मिले ठोस आश्वासन के कारण वे 25 साल बाद अपनी पुरानी पार्टी में लौट रहे हैं। वे अब शिवसेना के आधिकारिक उम्मीदवार के रूप में एमएलसी चुनाव के लिए नामांकन भरने वाले है। दूसरी ओर, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) ने अपने दिवंगत दिग्गज नेता बाबा सिद्दीकी की विरासत को आगे बढ़ाकर उनके बेटे ज़ीशान सिद्दीकी को मैदान में उतारा है। बांद्रा पूर्व से विधानसभा चुनाव हारने के बावजूद, पार्टी ने युवाओं का प्रतिनिधित्व करने के लिए ज़ीशान पर दांव खेला है। ज़ीशान ने इस मौके पर सुनेत्रा पवार सहित पार्टी नेतृत्व का आभार व्यक्त किया। महाराष्ट्र विधान परिषद की 9 सीटों पर होने वाले चुनाव के लिए नामांकन की अंतिम तिथि गुरुवार दोपहर 3 बजे तक है। गौरतलब है कि 13 मई को उद्धव ठाकरे सहित नौ सदस्यों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है, जिसके लिए 12 मई को मतदान होना है। इन नए राजनीतिक गठबंधनों और उम्मीदवारों के चयन ने सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच मुकाबले को बेहद दिलचस्प बना दिया है। आशीष दुबे / 30 अप्रैल 2026