-तीन महीनों में चांदी के दामों में भारी गिरावट, 45 प्रतिशत तक लुढ़की कीमतें नई दिल्ली,(ईएमएस)। साल 2026 की शुरुआत में रिकॉर्ड ऊंचाई छूने वाली चांदी की कीमतों में अब बड़ी गिरावट दर्ज हुई है। जनवरी से अप्रैल के बीच चांदी के दामों में करीब 45 से 46 प्रतिशत तक की कमी आई है, जो कम समय में सबसे बड़ी गिरावटों में से एक मानी जा रही है। जनवरी 2026 में चांदी की कीमतें 4 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के पार पहुंच गई थीं और 29 जनवरी को यह करीब 4.39 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के सर्वकालिक उच्च स्तर पर दर्ज की गई। हालांकि, इसके बाद बाजार में तेज गिरावट शुरू हुई और अप्रैल के अंत तक कीमतें घटकर 2.30 से 2.50 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के बीच आ गईं। 28 अप्रैल 2026 तक चांदी का भाव करीब 2,37,000 रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास था। विश्लेषकों के अनुसार, इस गिरावट का प्रमुख कारण निवेशकों द्वारा बड़े स्तर पर मुनाफावसूली करना रहा। रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचने के बाद निवेशकों ने तेजी से बिकवाली शुरू कर दी, जिससे कीमतों पर दबाव बढ़ा। इसके अलावा, वैश्विक स्तर पर मजबूत डॉलर और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर सख्त रुख ने भी चांदी की मांग को प्रभावित किया। ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद कम होने से निवेशकों का रुझान सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर कम हुआ। वहीं, पश्चिमी एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव और अनिश्चितता ने भी बाजार में अस्थिरता को बढ़ाया। इसका असर कमोडिटी बाजार पर पड़ा, जिससे कीमतों में उतार-चढ़ाव तेज हुआ। घरेलू स्तर पर एमसीएक्स पर चांदी के वायदा भाव में भी भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला, जिसने गिरावट को और तेज किया है। विशेषज्ञ इस स्थिति को “अराजक सुधार” बता रहे हैं, जहां तेजी के बाद अचानक आई गिरावट ने बाजार को असंतुलित कर दिया। आशीष दुबे / 30 अप्रैल 2025