राज्य
01-May-2026
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नई दिल्ली (ईएमएस)। कैसी विडंबना है कि सरकारी स्कूल के 10 लाख छात्रों को अभी तक किताबें नहीं मिली हैं। दिल्ली हाईकोर्ट ने बृहस्पतिवार को दिल्ली सरकार के शिक्षा विभाग के सचिव को अवमानना नोटिस जारी किया है। यह अवमानना नोटिस सरकारी स्कूलों के करीब 10 लाख छात्रों को पाठ्य पुस्तकें उपलब्ध ना कराए जाने पर जारी किया है। दिल्ली हाईकोर्ट की एकलपीठ न्यायमूर्ति सचिन दत्ता की पीठ सोशल ज्यूरिस्ट की अवमानना याचिका पर सुनवाई कर रही थी। याचिका में आरोप लगाया गया कि कोर्ट के पिछले आदेशों और सचिव द्वारा दिए गए स्पष्ट वादों के बावजूद दिल्ली सरकार के स्कूलों में कक्षा 1 से 8 तक पढ़ने वाले लगभग 10 लाख छात्रों को नई शैक्षणिक सत्र 2026-27 शुरू होने के एक महीने बाद भी पाठ्यपुस्तकें और नोटबुक नहीं पहुंचाई गई हैं। अधिवक्ता अशोक अग्रवाल और कुमार उत्कर्ष ने याचिका में तर्क दिया कि कोर्ट के आदेशों की जानबूझकर अवहेलना की जा रही है, जिससे बच्चों की शिक्षा बुरी तरह प्रभावित हो रही है। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने सरकारी स्टैंडिंग काउंसल से सवाल किया और गंभीर लापरवाही पर नाराजगी जताई। स्टैंडिंग काउंसल ने कोर्ट को बताया कि किताबें ग्रीष्म अवकाश शुरू होने से पहले सभी छात्रों को वितरित कर दी जाएंगी। कोर्ट ने इस सबमिशन को बाध्यकारी मानते हुए नोटिस जारी किया और जवाबदेह पक्षकारों को स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया। अजीत झा/देवेन्द्र/नई दिल्ली/ईएमएस/01/ मई/2026