क्षेत्रीय
01-May-2026
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बिलासपुर (ईएमएस)। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय बिलासपुर की मुख्य शाखा राजयोग भवन में सात दिवसीय बाल संस्कार शिविर का 30 अप्रैल 2026 को भव्य समापन समारोह संपन्न हुआ। इस अवसर पर सेवाकेंद्र संचालिका स्वाति ने उपस्थित अभिभावकों को संबोधित करते हुए कहा कि आज के चुनौतीपूर्ण दौर में बच्चों को महंगे खिलौने और गैजेट्स नहीं, बल्कि माता-पिता का कीमती समय देना सबसे बड़ा उपहार है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बच्चों के लिए माता-पिता का साथ किसी भी महंगे उपहार से बड़ा होता है, क्योंकि उन्हें वस्तुओं की नहीं, आपके प्रेम, ध्यान और समय की अपेक्षा होती है। स्वाति ने जोर देकर कहा कि बच्चे वह नहीं करते जो हम उन्हें सिखाते हैं, बल्कि वे वह करते हैं जो हमें करते हुए देखते हैं। इसलिए, यदि हम चाहते हैं कि बच्चे मोबाइल का कम उपयोग करें या बड़ों का सम्मान करें, तो पहले हमें स्वयं के आचरण में बदलाव लाना होगा। उन्होंने अभिभावकों को दूसरों के बच्चों के साथ तुलना करने से बचने, हर बच्चे को अद्वितीय मानने और उनकी छोटी-छोटी उपलब्धियों पर उन्हें प्रोत्साहित करने की सलाह दी। बचपन से ही मेडिटेशन, परोपकार और नैतिक मूल्यों की शिक्षा के माध्यम से संस्कारों का बीजारोपण करने पर जोर दिया गया। उन्होंने सकारात्मक भाषा के प्रयोग पर बल देते हुए तुम प्रयास करो जैसे शब्दों का उपयोग करने को कहा। बच्चों में बढ़ती मोबाइल और इंटरनेट की लत पर चिंता व्यक्त करते हुए स्वाति ने अभिभावकों को सलाह दी कि वे घर में एक डिजिटल फास्टिंग समय तय करें, जहां पूरा परिवार मोबाइल छोडकऱ एक-दूसरे से संवाद करे, ताकि बच्चे तकनीक के मालिक बनें, गुलाम नहीं। समारोह के दौरान कैंप के बच्चों ने नृत्य, कविता, श्लोक, मंत्र, योग और कहानियों का शानदार प्रदर्शन किया। अभिभावकों ने बच्चों में आए सकारात्मक बदलाव देखकर संस्थान के प्रति आभार व्यक्त किया। अंत में, स्वाति ने सभी माता-पिता को राजयोग मेडिटेशन का अभ्यास कराया और संकल्प दिलाया। शिविर में 100 से अधिक बच्चों को प्रमाण पत्र एवं उपहार प्रदान किए गए। मनोज राज 01 मई 2026