क्षेत्रीय
01-May-2026
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बिलासपुर (ईएमएस)। निखिल भारत बंग साहित्य सम्मेलन बिलासपुर शाखा ने बांगला नववर्ष (पोइला बोइसाख) के उपलक्ष्य में हेमू नगर स्थित रामकृष्ण मंदिर के सभा भवन में भव्य वर्षवरण कार्यक्रम का आयोजन किया। नृत्य, एकल एवं समूह संगीत, कविता पाठ और सेक्सोफोन वादन के साथ इस सांस्कृतिक संध्या में बंगाली संस्कृति की अनुपम छटा दिखी। कार्यक्रम का शुभारंभ अध्यक्ष अजय गांगुली एवं उपाध्यक्षों ने दीप प्रज्वलित कर किया। अध्यक्ष गांगुली ने अपने संबोधन में कहा कि सम्मेलन की यह शाखा बांगला भाषा, साहित्य एवं संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन में उल्लेखनीय कार्य कर रही है, जिससे देश में इसका नाम उज्जवल हुआ है। कार्यक्रम का सुचारु संचालन सचिव डॉ सोमा लाहिड़ी मल्लिक एवं सहसचिव श्रावणी दत्त ने किया। संस्थागत संगीत मोदेर गरोब मोदेर आशा से कार्यक्रम का आगाज हुआ। नववर्ष के उपलक्ष्य में बोइसाख मासे आइसो बन्धु और कल-कल छलछल नदी करे टलमल जैसे कोरस गीतों ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। निखिल रंजन मल्लिक, अचिन्त्य कुमार बोस, मौमिता चक्रवर्ती, श्रावणी दत्त सहित कई सदस्यों ने एकल एवं समूह संगीत प्रस्तुत किए, जबकि जय डे ने तबले पर संगत दी। अर्निमा पाल, धारणा सी और टीशा सी ने आधुनिक नृत्य पेश किए। अशोक कुण्डू, असित, डा सोमा एवं राजा दासगुप्ता ने कविता पाठ किया, वहीं डा सुदीप्त दत्त ने सेक्सोफोन पर मधुर धुनें बिखेरीं। इस अवसर पर अरूप बैरागी, मुनमुन सी, भक्तिमय चौधरी सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे और एक दूसरे को नववर्ष की शुभकामनाएं दीं। मनोज राज 01 मई 2026