क्षेत्रीय
01-May-2026
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मण्डला (ईएमएस)। मिशन वात्सल्य के अंतर्गत महिला एवं बाल विकास विभाग एवं बाल कल्याण समिति के संयुक्त प्रयासों से जिले में पॉक्सो पीड़ितों को राहत और सहारा प्रदान करने की दिशा में प्रभावी पहल की जा रही है। इसके सकारात्मक परिणाम सामने आने लगे हैं। हाल ही में 8 पॉक्सो पीड़ितों के लिए स्पॉन्सरशिप योजना को अनुमोदित किया गया है, जिसके तहत प्रत्येक पीड़ित को प्रति माह 4 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। यह अनुमोदन जिला बाल संरक्षण इकाई द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन के आधार पर कलेक्टर श्री राहुल नामदेव धोटे की अध्यक्षता में गठित प्रायोजन एवं पालक देखभाल अनुमोदन समिति (एसएफसीएसी) द्वारा किया गया। बाल कल्याण समिति, मंडला द्वारा पुलिस के माध्यम से प्रस्तुत 60 पॉक्सो प्रकरणों में सपोर्ट पर्सन नियुक्त किए गए हैं। ये सपोर्ट पर्सन पीड़ित बच्चों को कानूनी, सामाजिक और मानसिक सहयोग प्रदान कर रहे हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा प्रत्येक माह सपोर्ट पर्सन के लिए प्रशिक्षण एवं समीक्षा बैठक आयोजित की जा रही है, जिससे उनकी कार्यक्षमता और संवेदनशीलता में वृद्धि हो सके। अप्रैल माह की समीक्षा बैठक में सहायक संचालक श्री रोहित बड़कुल ने सभी सपोर्ट पर्सन को गोपनीयता बनाए रखते हुए संवेदनशीलता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। समिति की संवेदनशीलता का एक उदाहरण उस समय सामने आया, जब एक पॉक्सो पीड़िता द्वारा जन्मे नवजात शिशु को मात्र चार दिनों में सुरक्षित आश्रय उपलब्ध कराया गया। जिला चिकित्सालय मंडला में जन्मे इस नवजात को विधिवत प्रक्रिया पूरी कर शिशु गृह सह दत्तक ग्रहण अभिकरण “मातृ छाया”, जबलपुर में प्रवेशित कराया गया। इस प्रक्रिया में सपोर्ट पर्सन, बाल कल्याण समिति के सदस्यों एवं संबंधित विभागों ने त्वरित समन्वय कर कार्यवाही पूरी की। बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष श्री गजेन्द्र गुप्ता ने बताया कि राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के निर्देशानुसार जिले में 30 सपोर्ट पर्सन का चयन किया गया है। सभी को इंडक्शन ट्रेनिंग के साथ-साथ नियमित मासिक प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। समिति द्वारा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के साथ समन्वय स्थापित कर पीड़ितों को विधिक सहायता, राहत एवं मुआवजा दिलाने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है। महिला एवं बाल विकास विभाग एवं बाल कल्याण समिति के इस नवाचार से जिले में पॉक्सो पीड़ित बच्चों को त्वरित, संवेदनशील और गुणवत्तापूर्ण सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। - ईएमएस / 01 मई 2026