कोरबा (ईएमएस)। छत्तीसगढ़ प्रदेश का कोरबा जिला, जिसे पूरे देश में ‘उर्जाधानी’ के नाम से जाना जाता है, परन्तु यह जिला एक गंभीर विडंबना का सामना कर रहा है। जहां एक ओर यह जिला बिजली उत्पादन के लिए प्रसिद्ध है, वहीं दूसरी ओर इसी जिले के कई ग्राम आज भी अंधेरे में डूबे हुए हैं। जानकारी के अनुसार कोरबा जिलान्तर्गत पाली ब्लॉक के वनांचल क्षेत्र में बसे ग्राम सपलवा में बिजली विभाग द्वारा लाइन विस्तार का काम तो किया गया है, लेकिन जमीनी हकीकत बेहद चिंताजनक है। बताया जा रहा हैं की उक्त ग्राम मेंमहीने भर में सिर्फ 2 से 3 दिन ही बिजली आती है, बाकी समय पूरा ग्राम अंधेरे में डूबा रहता है। ग्रामीणों की परेशानी यहीं खत्म नहीं होती। जहां बिजली नाम मात्र की है, वहीं हर महीने हजारों रुपये के बिजली बिल थमा दिए जाते हैं। यानी ग्रामीणों को बिना सुविधा के ही पूरा भुगतान करना पड़ रहा है। इससे लोगों में भारी आक्रोश है। जानकारी के अनुसार तब और स्थिति गंभीर हो जाती है, जब ग्राम का ट्रांसफॉर्मर लगभग दो महीनों से जला हुआ है। ग्रामीणों ने कई बार संबंधित विभाग और अधिकारियों को शिकायत दी, लेकिन अब तक न तो कोई अधिकारी मौके पर पहुंचा है और न ही समस्या के समाधान की कोई पहल की गई है। सिर्फ ग्राम सपलवा ही नहीं, बल्कि आसपास के पहाड़ गांव और बारी उमराव गांव जैसे गांव भी वर्षों से इसी तरह की समस्याओं से जूझ रहे हैं। यहां विकास के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन हकीकत में बुनियादी सुविधाएं तक लोगों को नहीं मिल पा रही हैं। - 02 मई