तेल अवीव,(ईएमएस)। मध्य पूर्व के बदलते भू-राजनीतिक परिदृश्य में एक अत्यंत महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक कूटनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। इजरायल ने ईरान के संभावित मिसाइल और ड्रोन हमलों से सुरक्षा प्रदान करने के लिए अपनी सबसे आधुनिक लेजर-आधारित वायु रक्षा प्रणाली आयरन बीम को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में तैनात कर दिया है। साल 2020 में हुए अब्राहम एकॉर्ड्स के बाद दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग का यह अब तक का सबसे बड़ा और अभूतपूर्व उदाहरण है। इस कदम की खास बात यह है कि इजरायल ने न केवल अपने अत्याधुनिक हथियार बल्कि उन्हें संचालित करने के लिए अपने सैन्य कर्मियों को भी पहली बार किसी अरब देश की धरती पर उतारा है। इजरायल द्वारा यूएई को दिए गए इस सुरक्षा कवच में तीन प्रमुख तकनीकें शामिल हैं। सबसे महत्वपूर्ण आयरन बीम है, जो एक हाई-एनर्जी लेजर हथियार है। यह प्रणाली कम दूरी के रॉकेट, आर्टिलरी और ड्रोन्स को महज 4 से 5 सेकंड में लेजर बीम से जलाकर नष्ट कर देती है। इसके साथ ही, दुनिया की सबसे भरोसेमंद रक्षा प्रणाली आयरन डोम और स्पेक्ट्रो सिस्टम भी तैनात किए गए हैं। स्पेक्ट्रो सिस्टम एक उन्नत निगरानी प्रणाली है जो शाहेद जैसे छोटे ईरानी ड्रोन्स को 20 किलोमीटर दूर से ही रडार पर पकड़ने में सक्षम है। इस रक्षा समझौते का सबसे चौंकाने वाला पहलू इजरायली सैनिकों की मौजूदगी है। रिपोर्टों के अनुसार, केवल हथियारों का निर्यात नहीं किया गया है, बल्कि इन प्रणालियों के संचालन के लिए दर्जनों इजरायली सैन्य कर्मी यूएई में मौजूद हैं। यह बड़े पैमाने पर बूट्स ऑन द ग्राउंड की स्थिति है। इसके अतिरिक्त, इजरायल अब पश्चिमी ईरान से होने वाले मिसाइल लॉन्च की रियल-टाइम खुफिया जानकारी भी यूएई के साथ साझा कर रहा है। बताया जा रहा है कि ईरान द्वारा हाल के समय में किए गए भारी मिसाइल और ड्रोन हमलों को देखते हुए इजरायल ने आनन-फानन में अपने वे हथियार भी भेज दिए जो अभी प्रोटोटाइप चरण में थे। यह कदम इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि दशकों की कड़वाहट के बाद इजरायल का अपनी सबसे संवेदनशील तकनीक एक अरब देश को देना गहरे भरोसे को दर्शाता है। यह ईरान के लिए एक स्पष्ट संदेश है कि अब खाड़ी के देश और इजरायल एक साझा रक्षा मोर्चे पर एकजुट हैं। लेजर तकनीक का उपयोग ड्रोन हमलों का एक किफायती तोड़ भी साबित हो रहा है, क्योंकि इसमें इंटरसेप्टर मिसाइलों की तरह करोड़ों का खर्च नहीं आता। वीरेंद्र/ईएमएस/02मई 2026