मुंगेली (ईएमएस)। जिले में गौसेवा से जुड़े लोगों का आंदोलन उस समय उग्र हो गया जब प्रशासन और प्रदर्शनकारियों के बीच वार्ता विफल हो गई। गौसेवकों द्वारा कलेक्ट्रेट के बाहर शुरू किया गया धरना धीरे-धीरे चक्काजाम और नेशनल हाईवे जाम तक पहुंच गया, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हुआ। सुबह से ही प्रदर्शनकारी कलेक्ट्रेट परिसर में जुटने लगे थे और मुख्य गेट के सामने मवेशियों को बांधकर विरोध प्रदर्शन शुरू किया गया। इस दौरान बीमार और घायल पशुओं को भी परिसर में लाया गया, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि तीन माह पूर्व भूख हड़ताल के दौरान प्रशासन ने स्थायी गौशाला निर्माण, पशु चिकित्सालय और एम्बुलेंस सेवा जैसी मांगों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्यवाही नहीं हुई। वहीं प्रशासन का कहना है कि सभी योजनाएं प्रक्रिया में हैं और उन्हें तत्काल पूरा करना व्यवहारिक रूप से संभव नहीं है। वार्ता असफल होने के बाद प्रदर्शनकारी कलेक्ट्रेट से हटकर मुख्य सड़क पर आ गए और बिलासपुर-मुंगेली मार्ग सहित नेशनल हाईवे को जाम कर दिया। इससे कई घंटों तक यातायात पूरी तरह बाधित रहा और यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। स्थिति बिगड़ने पर अतिरिक्त पुलिस बल मौके पर बुलाया गया। पुलिस ने समझाइश के बावजूद प्रदर्शनकारियों के न मानने पर सख्ती दिखाई और चक्काजाम व मार्ग अवरोध के आरोप में कार्रवाई की। पुलिस के अनुसार करीब डेढ़ दर्जन लोगों पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई है, जबकि तीन प्रमुख प्रदर्शनकारियों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की गई है। अन्य लोगों की पहचान वीडियो रिकॉर्डिंग और साक्ष्यों के आधार पर की जा रही है। थाना प्रभारी के अनुसार पूरे घटनाक्रम की जांच जारी है और आगे भी आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी। - (ईएमएस) 02 मई 2026