क्षेत्रीय
02-May-2026
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- सुसाइड नोट में लगाये पति पर प्रताड़ना के आरोप - पत्नि के नाम पर कार फायनेंस कराई - आये दिन गाली-गलौच कर खुदकुशी के लिये उकसाता था भोपाल(ईएमएस)। शहर के कजलीखेड़ा थाना इलाके में रहने वाली एक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने थुआखेड़ा आंगनबाड़ी में केंद्र में ही फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मौके से एक डायरी से दो पेज का सुसाइड नोट मिला। बाद में यह डायरी परिजनों ने पुलिस को सौंप दी है। सुसाइड नोट में महिला ने पति पर खुदकुशी के लिए उकसाने का आरोप लगाया है। साथ ही अपने बेटे और बहू को उनका हक दिलाने की बात लिखी और पति को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की बात लिखी है। मर्ग कायम कर पुलिस ने शव को पीएम के बाद परिजनों को सौंपते हुए आगे की जॉच शुरु कर दी है। मिली जानकारी के अनुसार थुआखेड़ी की रहने वाली ओमवती मीणा पति राजेश मीणा (48) आंगनबाड़ी में नौकरी करती थीं। शुक्रवार शाम वह आंगनबाड़ी में अकेली थीं। इससे पहले अन्य महिला कर्मचारी को बच्चों को लेने गांव भेजा था। जब सहकर्मी महिला वापस आंगनबाड़ी में लौटी तो उसे ओमवती का शव को पंखे पर बने दुपट्टे के फंदे पर लटका नजर आया। महिला ने इसकी सूचना गांव वालों को देते हुए मदद के लिए बुलाया। आसपास के लोगो ने मौके पर पहुचनें के बाद इसकी सूचना पुलिस को दी। खबर मिलने पर पहुंची पुलिस ने घटनास्थल की जॉच के बाद मामला कायम कर शव को पोस्टमार्ट्म के लिए हमीदिया अस्पताल की मर्चुरी भेज दिया। मृतका की भतीजी के पति यानि रिश्ते में उसके दामाद कपिल मारण का आरोप है, की ससुर की प्रताड़ना से तंग आकर ही सास ओमवती ने खुदकुशी की है। ससुर राजेश मीणा ने सास के होते हुए भी बिना तलाक दिये दूसरी शादी कर ली। इससे ओमवती काफी मानसिक तनाव में रहती थी। दोनों करीब तीस साल से अलग रह रहे थे, लेकिन ससुर आये दिन उन्हें फोन कर और मिलकर धमकाते हुए गालियां देते थे। इसका जिक्र सास ने सुसाइड नोट में किया है। प्रताड़ना के कारण सास अपने सात महीने के बेटे को लेकर मायके में रहने लगी थीं। बेटा अब 28 साल का हो चुका है, दो साल पहले उसकी शादी हो चुकी है। - सुसाइड नोट में लिखी पति द्वारा कार फाइनेंस कराने और बेटे को हक दिलाने की बात मृतका ने सुसाइड नोट में पति पर गंभीर आरोप लगाते हुए लिखा है की राजेश ने हमे पहुत परेशान किया, वह अपनी दूसरी पत्नी के साथ रहने लगा है। हमसे कोई रिश्ता नहीं रखता, बात नहीं करता, कोई जिम्मेदारी नहीं उठाता। मैने अपनी काबीलियत के दम पर नौकरी हासिल की। इसने मेरे नाम से कार फाइनेंस करा ली। इसे यह इस्तेमाल करता है। किश्त मेरे खाते से कटती है। आए दिन बदतमीजी करता है। गालियां देता है, इसे हमारी कोई परवाह नहीं है। इससे परेशान होकर मैं जान दे रही हूं। मुझे यह सब अच्छा नहीं लग रहा है। मेरी मौत का जिम्मेदारी मेरे पति ही है। उसी के कारण मैं जान देने पर मजबूर हूं, हमारा ख्याल तो रखता नहीं है, सुसाइड के लिए उकसाता है। इसे खिलाफ सख्त कार्रवाई होना चाहिए, सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए। मेरे बेटे और बहू को उसका हक दिलाया जाए। पुलिस ने सुसाइड नोट को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। जुनेद / 2 मई