- स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन, आयात निर्भरता घटाने और आत्मनिर्भरता बढ़ाने में मिलेगी मदद नई दिल्ली (ईएमएस)। द्रीय मंत्रिमंडल जल्द ही कोयला गैसीकरण परियोजनाओं को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ी प्रोत्साहन योजना को मंजूरी दे सकता है। सूत्रों ने बताया कि इस योजना का वित्तीय परिव्यय 37,500 करोड़ रुपये होगा, जिसका मुख्य उद्देश्य स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देना और देश की आयात निर्भरता को कम करना है। सूत्रों के अनुसार, कोयला मंत्रालय ने इस योजना का कैबिनेट नोट पहले ही तैयार कर लिया है। प्रस्तावित योजना का मकसद देश भर में सतह कोयला और लिग्नाइट गैसीकरण परियोजनाओं में तेजी लाना है। इसका लक्ष्य एलएनजी, यूरिया, अमोनियम नाइट्रेट, अमोनिया, कोकिंग कोल, मेथनॉल और डीएमई जैसी महत्वपूर्ण वस्तुओं पर आयात निर्भरता घटाकर आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना है। इसके साथ ही यह ईंधन और रसायनों के उत्पादन के लिए घरेलू कोयला और लिग्नाइट संसाधनों के उपयोग को बढ़ाएगा, जिससे 2030 तक 10 करोड़ टन कोयला गैसीकरण क्षमता के राष्ट्रीय लक्ष्य को प्राप्त करने में मदद मिलेगी। यह एक एकीकृत योजना है जिसमें कोई श्रेणी नहीं है, और एक एकल परियोजना के लिए अधिकतम 3,000 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता का प्रावधान है। गौरतलब है कि पिछली प्रोत्साहन योजना में निजी क्षेत्र को अधिकतम 1,000 करोड़ रुपये और पीएसयू को 1,350 करोड़ रुपये प्रति परियोजना दिए जाते थे। सतीश मोरे/03मई ---