अभिषेक बनर्जी ने मुख्य चुनाव आयुक्त पर साधा निशाना कोलकाता(ईएमएस)। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों की आहट के बीच प्रदेश का सियासी पारा चरम पर पहुंच गया है। 4 मई 2026 को होने वाली मतगणना से ठीक पहले दक्षिण 24 परगना जिले का फाल्टा विधानसभा क्षेत्र भारी तनाव और हिंसा के आरोपों का केंद्र बन गया है। फाल्टा में तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार जहांगीर खान के करीबी सहयोगी इस्राफील चौकीदार के खिलाफ स्थानीय जनता का गुस्सा फूट पड़ा है। ग्रामीणों, विशेषकर महिलाओं ने सड़कों पर उतरकर टीएमसी नेताओं पर डराने-धमकाने और घर जलाने की धमकी देने के गंभीर आरोप लगाए हैं। यह विवाद तब और गहरा गया जब भाजपा आईटी सेल की ओर से सोशल मीडिया पर दावा किया गया कि फाल्टा में मतदाताओं को धमकाने के आरोप में अतीबुर शेख, हबीब शेख और हबीब मोल्ला को गिरफ्तार किया गया है, लेकिन मुख्य आरोपी इस्राफील चौकीदार अब भी पुलिस की पकड़ से बाहर है। भाजपा ने सवाल उठाया कि क्या बंगाल पुलिस कार्रवाई के लिए सत्ताधारी दल के निर्देशों का इंतजार कर रही है। स्थानीय महिलाओं का आरोप है कि उन्हें धमकी दी गई है कि यदि भाजपा चुनाव जीतती है, तो उनके घर जला दिए जाएंगे और खून-खराबा होगा। विवाद उस समय व्यक्तिगत हमले में बदल गया जब निर्वाचन आयोग ने शिकायतों के आधार पर फाल्टा में फिर से चुनाव कराने का निर्णय लिया। इस फैसले के बाद टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर सीधा निशाना साधते हुए उन्हें कठपुतली तक कह डाला। अभिषेक बनर्जी ने विपक्षी नेताओं को चुनौती देते हुए कहा कि उनके डायमंड हार्बर मॉडल को कोई नुकसान नहीं पहुँचा सकता। उन्होंने विरोधियों को फाल्टा में आकर चुनाव लड़ने की खुली चुनौती दी। निर्वाचन आयोग की इस कार्रवाई और अभिषेक बनर्जी के कड़े तेवरों ने चुनाव की निष्पक्षता को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है। जहां विपक्षी दल इसे सत्ता की हताशा बता रहे हैं, वहीं टीएमसी इसे राज्य की छवि खराब करने की साजिश करार दे रही है। फिलहाल फाल्टा में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और पूरे राज्य की नजरें 4 मई को आने वाले जनादेश पर टिकी हैं। वीरेंद्र/ईएमएस/03मई 2026