बिलासपुर (ईएमएस)। छत्तीसगढ़ सिंधी साहित्य अकादमी के तत्वावधान में पूज्य सिंधी सेंट्रल पंचायत महिला विंग एवं भारतीय सिंधु सभा महिला शाखा, बिलासपुर द्वारा झूलेलाल मंगलम, तिफरा में आयोजित दो दिवसीय बाल संस्कार शिविर का 2 मई को सफलतापूर्वक समापन हुआ। शिविर में सिंधी समाज के करीब 125 बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। शिविर का उद्देश्य बच्चों के सर्वांगीण विकास के साथ उन्हें सिंधी भाषा, संस्कृति और नैतिक मूल्यों से जोडऩा रहा। इस दौरान बच्चों को रचनात्मक गतिविधियों का प्रशिक्षण भी दिया गया। कैंप में फायरलेस कुकिंग, सिंधी भाषा शिक्षण, योग-ध्यान, ड्रामा, डांस, इमोशन कंट्रोल, पर्सनल हाइजीन और खेल-कूद जैसी गतिविधियां आयोजित की गईं। बच्चों ने विभिन्न गतिविधियों में बढ़-चढकऱ हिस्सा लेते हुए अपने कौशल का प्रदर्शन किया। इससे उनमें आत्मविश्वास, टीमवर्क और रचनात्मकता का विकास हुआ। कार्यक्रम में कोमल मेलवानी (फायरलेस कुकिंग), मोहित कुमार बंशिवाल (ड्रामा), रिया बजाज (योग-ध्यान), कंचन जेसवानी, विनीता चिमनानी, जगदीश जग्यासी (सिंधी भाषा), मिष्टी भगवानी (डांस), गरिमा शाहनी (स्किल एबिलिटी), नेहा डोडेजा (आर्ट एंड क्राफ्ट) और डॉ. अभिषेक कलवानी (इमोशन कंट्रोल व हाइजीन) ने प्रशिक्षण दिया। समापन समारोह में पूज्य सिंधी सेंट्रल पंचायत बिलासपुर के अध्यक्ष विनोद मेंघानी और भारतीय सिंधु सभा बिलासपुर के अध्यक्ष शंकर मनचंदा शामिल हुए। उन्होंने आयोजन की सराहना करते हुए कार्यकर्ताओं को बधाई दी और भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम जारी रखने की बात कही। आयोजन में महिला विंग की अध्यक्ष कंचन मलघानी और भारतीय सिंधु सभा महिला शाखा की अध्यक्ष गरिमा साहनी के साथ कई सदस्यों ने सक्रिय सहयोग दिया। वहीं राधेश्याम स्टेशनरी की ओर से सभी प्रतिभागी बच्चों को ड्राइंग किट उपहार स्वरूप प्रदान की गई। अभिभावकों ने भी शिविर को उपयोगी और प्रेरणादायक बताते हुए इसकी सराहना की। - 03 मई 2026