बिलासपुर (ईएमएस)। शहर के रेलवे कंस्ट्रक्शन कॉलोनी स्थित दुर्गा पंडाल में श्री मरीमाईं माता पूजा उत्सव समिति द्वारा 10 दिवसीय भव्य धार्मिक अनुष्ठानों की शुरुआत पारंपरिक उत्साह और श्रद्धा के साथ शुरू हो गई है। इस वर्ष पूजा अपने 20वें वर्ष में प्रवेश कर रही है, जिसे लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह और आस्था का माहौल देखने को मिल रहा है। आयोजन स्थल को आकर्षक रूप से सजाया गया है और प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। - राटा पूजा और शोभायात्रा से हुआ मंगलारंभ समिति के अध्यक्ष डॉ. अजय सिंह और सचिव एन. मनोहर राव ने बताया कि 2 मई को काष्ठ देवता पूजा (राटा पूजा) के साथ इस धार्मिक आयोजन का विधिवत शुभारंभ किया गया। इस विशेष पूजा की शुरुआत तीन सुहागिन महिलाओं ई शुभांगनी, एन कृष्णवेणी और के उमा द्वारा की गई। पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार पीतल की गुंडी को हल्दी से लेपित कर उसका श्रृंगार किया गया और उसमें हल्दी मिश्रित जल भरकर नीम व मोगरा फूलों से सजाया गया।इस पूजा में विशेष रूप से पांच बाल पुजारियों साईं केशव, के सुशांत, अंकुश कावड़े, ओंकार और आर. तरुण को शामिल किया गया, जिनके शरीर पर हल्दी का लेप लगाकर उन्हें पूजा के लिए तैयार किया गया। राटा पूजा में मदार (पाल कोम्मा) की टहनी का विशेष महत्व होता है, जिसे पूजा के दौरान कंधे पर रखकर शोभायात्रा निकाली जाती है। सुबह 9.30 बजे आरटीएस कॉलोनी स्थित ई. भाग्यलक्ष्मी के निवास से शोभायात्रा निकाली गई, जो डबली-ताशा, पारंपरिक वाद्ययंत्रों और आतिशबाजी के साथ कंस्ट्रक्शन कॉलोनी स्थित पूजा पंडाल पहुंची। - दक्षिण पद्धति से विधिवत पूजा-अर्चना पूजा पंडाल पहुंचने के बाद खडग़पुर से आए पुजारी के. सुधाकर राव द्वारा दक्षिण भारतीय पद्धति से विधिवत पूजा-अर्चना कराई गई। इसके पश्चात पूजा में प्रयुक्त पवित्र टहनी को पंडाल के मंच के पीछे स्थापित किया गया, जिसे पूरे आयोजन के दौरान विशेष महत्व दिया जाएगा।कार्यक्रम में लगभग 300 श्रद्धालु शामिल हुए, जिनमें बड़ी संख्या में महिलाओं की भागीदारी रही। श्रद्धालुओं के लिए मठ्ठा-शरबत और महाप्रसाद की व्यवस्था की गई, जिससे आयोजन में सेवा और समर्पण का भाव भी देखने को मिला। - पोतराजू पूजा का विशेष महत्व समिति द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार 3 मई की रात 12 बजे पोतराजू पूजा का आयोजन किया जाएगा। पोतराजू को माता की सात बहनों के इकलौते भाई के रूप में पूजा जाता है। मान्यता है कि माताजी के आगमन से पहले पोतराजू नगर या गांव का भ्रमण कर व्यवस्थाओं का निरीक्षण करते हैं और सभी बाधाओं को दूर करते हैं।इस पूजा के अंतर्गत लगभग 25 फीट ऊंचे लकड़ी के स्तंभ को पीले रंग से सजाकर, उसके शीर्ष पर मोगरा फूल, नीम पत्तियां और धार्मिक ध्वज लगाकर स्थापना की जाती है। - 4 मई को निकलेगी भव्य शोभायात्रा सोमवार को शाम 6 बजे लोको कॉलोनी स्थित श्री त्रिपुरी सुंदरी मरीमाईं माता मंदिर से माताजी की शोभायात्रा निकाली जाएगी। यह शोभायात्रा रेलवे क्षेत्र के विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए कंस्ट्रक्शन कॉलोनी स्थित पूजा पंडाल पहुंचेगी। शोभायात्रा में पारंपरिक वाद्ययंत्र, झांकियां और भक्ति गीतों के साथ भक्तजन शामिल होंगे, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय और उत्सवपूर्ण हो उठेगा। - समिति और श्रद्धालु जुटे आयोजन को सफल बनाने में पूरे आयोजन को सफल बनाने के लिए समिति के पदाधिकारी और सदस्य दिन-रात मेहनत कर रहे हैं। व्यवस्थाओं को सुचारू बनाए रखने के लिए अलग-अलग टीमों का गठन किया गया है। सुरक्षा, स्वच्छता, प्रसाद वितरण और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की विशेष व्यवस्था की गई है। - 03 मई 2026