- किसानों को ठंडा रखने की प्रशासनिक कवायद गुना (ईएमएस)। जिस मंडी प्रांगण और दशहरा मैदान में भीषण गर्मी के बीच किसानों को पीने का साफ पानी तक नसीब नहीं होता था, वहां अचानक शरबत की नदियां बहने लगी हैं। ताज्जुब की बात यह है कि न तो कोई चुनाव है और न ही कोई बड़ा जश्न, फिर भी स्वयं मंडी सचिव सहित आला अधिकारी अपने हाथों से अन्नदाताओं को शरबत पिलाते नजर आ रहे हैं। - मुख्यमंत्री के आगमन का शरबती असर दरअसल, इस अचानक उमड़े प्रेम के पीछे आगामी 10 मई को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का गुना आगमन है। सीएम साहब गुना में रोड शो करने वाले हैं और स्थानीय प्रशासन भली-भांति जानता है कि यदि किसान नाराज रहा, तो मुख्यमंत्री की नाराजगी झेलनी पड़ सकती है। बात साफ है—किसान नाराज, तो सीएम नाराज। इसी नाराजगी से बचने के लिए प्रशासन अन्नदाता को खुश रखने के हरसंभव जतन कर रहा है ताकि गांव से लेकर शहर और शासन से लेकर प्रशासन तक सब ठंडा रहे। - मिठास सिर्फ शरबत में नहीं, खरीदी में भी हो प्रशासनिक अमले का यह फैसला वैसे तो स्वागत योग्य है, लेकिन अन्नदाताओं के बीच चर्चा है कि यह सेवा केवल मुख्यमंत्री के दौरे तक ही सीमित न रहे। किसानों का मानना है कि यदि यही मिठास और ठंडक उनकी फसल की खरीदी प्रक्रिया और तौल में भी मिल जाए, तो प्रशासन के प्रति उनका विश्वास और अधिक बढ़ जाएगा। फिलहाल, मुख्यमंत्री के आने से पहले किसानों को संतुष्ट करने की यह शरबत डिप्लोमेसी जिले में चर्चा का विषय बनी हुई है। - सीताराम नाटानी