वाराणसी (ईएमएस)। मध्य प्रदेश के जबलपुर के बरगी डैम में हुई भीषण क्रूज दुर्घटना से सबब सिखते हुए वाराणसी पुलिस घंगा घाटों पर स्नान करने तथा नदी में नावों या क्रूज द्वारा विचरण करने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा के साथ अब कोई समझौता करने को तैयार नहीं है, बल्कि क्रूज एवं नाव चालकों पर नकेल कसने की तैयारी कर ली है। पुलिस आयुक्त, वाराणसी मोहित अग्रवाल द्वारा दिए गए निर्देश के क्रम में पुलिस उपायुक्त काशी ज़ोन के मार्गदर्शन मे, अपर पुलिस उपायुक्त काशी ज़ोन के पर्यवेक्षण मे सहायक पुलिस आयुक्त दशाश्वमेध/जल पुलिस व प्रभारी निरीक्षक जल पुलिस के नेतृत्व में जल पुलिस टीम द्वारा जल पुलिस वाराणसी द्वारा गंगा नदी में स्नान हेतु आने वाले दर्शनार्थियों एवं श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं सुविधा को दृष्टिगत रखते हुए महत्वपूर्ण पहल की गई है। इस क्रम में वाराणसी के निम्न 16 प्रमुख घाटों पर जेटी स्थापित किए जाने की कार्यवाही सुनिश्चित की गई है। वाराणसी में तुलसी घाट, अस्सी घाट (रेता साइड), शिवाला/गुलरिया घाट, केदार घाट, चौसट्ठी घाट, मुंशी घाट, अहिल्याबाई घाट, मीर घाट, सिंधिया घाट,पंचगंगा घाट,गाय घाट, गोला घाट, दशाश्वमेध घाट के सामने रेता साइड, त्रिलोचन घाट, डोमरी घाट रेता साइड एवं ललिता घाट पर सुरक्षा की दृष्टिकोण से जेटी लगायी गयी है। इन जेटियों के माध्यम से श्रद्धालुओं को गंगा स्नान के दौरान सुरक्षित आवागमन, नावों पर चढ़ने-उतरने में सुविधा तथा भीड़-भाड़ की स्थिति में बेहतर प्रबंधन उपलब्ध कराया जाएगा। यह व्यवस्था विशेष रूप से पर्व, त्योहारों एवं स्नान के अवसरों पर अत्यधिक लाभकारी सिद्ध होगी, जब घाटों पर श्रद्धालुओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि होती है। जल पुलिस द्वारा सभी जेटियों पर पर्याप्त सुरक्षा प्रबंध किए जाएंगे, जिनमें प्रशिक्षित पुलिसकर्मियों की तैनाती, लाइफ जैकेट, बचाव उपकरण एवं आपातकालीन सहायता की व्यवस्था शामिल है। साथ ही, आमजन से अपील की जाती है कि गंगा स्नान के दौरान निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करें तथा सुरक्षा मानकों का ध्यान रखें। जल पुलिस वाराणसी का उद्देश्य श्रद्धालुओं को एक सुरक्षित, सुगम एवं व्यवस्थित वातावरण प्रदान करना है, जिससे वे अपनी आस्था के अनुसार गंगा स्नान का लाभ निर्भय होकर प्राप्त कर सकें। - 03 मई 26