पर्यटन क्षेत्र में मुख्यमंत्री के विजन का असरअब आधुनिक तरीके से पधारो म्हारे देसÓ कह रहा राजस्थान जयपुर (ईएमएस)। अपनी ऐतिहासिक धरोहर, सांस्कृतिक वैभव और भौगोलिक विविधता के लिए मशहूर राजस्थान अब डिजिटल प्रगति में भी मॉडल प्रदेश बनकर उभर रहा है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के कुशल, दूरदर्शी एवं प्रगतिशील नेतृत्व में राजस्थान सरकार ई-गवर्नेंस के साथ डिजिटल नवाचारों को भी बढ़ावा दे रही है। यही कारण है कि सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग द्वारा विकसित किया गया ऑनलाइन बुकिंग मैनेजमेंट सिस्टम (ओ.बी.एम.एस.) देश का पहला और एकमात्र सरकारी मल्टी-साइट ऑनलाइन टिकटिंग प्लेटफॉर्म बनकर उभरा है। भारत आने वाले विदेशी पर्यटक और देश के अन्य हिस्सों में रहने वाले लोग अपनी छुट्टियां राजस्थान में बिताने को प्राथमिकता देते हैं। इसी महत्ता को ध्यान में रखते हुए एकीकृत डिजिटल पोर्टल तथा ओ.बी.एम.एस मोबाइल एप्लिकेशन विकसित किए गए। जिनके माध्यम से प्रदेश के पर्यटन एवं सांस्कृतिक स्थलों, स्मारकों, संग्रहालयों, वन्यजीव अभयारण्यों, बायोलॉजिकल पार्कों, उद्यानों, सफारी, बोटिंग, कैफेटेरिया, होटल्स आदि की ऑनलाइन टिकट बुकिंग की जा रही है।ओ.बी.एम.एस. को देशी-विदेशी पर्यटकों का भी भरपूर रेस्पॉन्स प्राप्त हो रहा है। यही कारण है कि एक दिन में सर्वाधिक लगभग 1 लाख पर्यटकों की टिकट बुकिंग का रिकॉर्ड 28 दिसंबर 2025 को दर्ज किया गया। अब तक के आंकड़ों की बात करें, तो लगभग 90 लाख बुकिंग्स के जरिए 3 करोड़ से अधिक पर्यटकों को सेवा प्रदान की जा चुकी है। इनमें 70 से अधिक देशों के विदेशी पर्यटक शामिल हैं। वहीं, पोर्टल के माध्यम से विभिन्न विभागों को 30 करोड़ रुपये से अधिक का अतिरिक्त राजस्व प्राप्त हुआ है। इसी सफलता को देखते हुए ओ.बी.एम.एस को वर्ष 2025 में स्कॉच अवॉर्ड में सिल्वर पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।एक क्लिक पर पूरे राजस्थान की जानकारी और टिकटिंग उपलब्ध करवाने के लिए अब तक 100 से अधिक पर्यटन स्थलों को पोर्टल से जोड़ा जा चुका है। जिनमें पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग के आमेर किला, जंतर-मंतर, हवा महल, राजकीय संग्रहालय अल्बर्ट हॉल इत्यादि (47 स्थल), वन विभाग के सरिस्का टाइगर सफारी, झालाना लेपर्ड सफारी, नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क इत्यादि (21 स्थल), राजस्थान पर्यटन विकास निगम के चित्तौड़गढ़ एवं कुम्भलगढ़ किला लाइट एंड साउंड शो, दुर्ग कैफेटेरिया पड़ाव नाहरगढ़, होटल लेक पैलेस सिलीसेढ़ (4 स्थल), जयपुर विकास प्राधिकरण के किशन बाग, मसाला चौक, सावन भादो बाग (3 स्थल), भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के चित्तौड़गढ़ किला, कुम्भलगढ़ किला, भानगढ़ किला, डीग भवन इत्यादि (7 स्थल), जवाहर कला केन्द्र (15 स्थल) तथा जयपुर मेट्रो आर्ट गैलरी भी शामिल हैं।राज्य सरकार की इस अभिनव पहल से पर्यटन सेवाओं में पारदर्शिता आने के साथ ही मैनुअल कार्यों में भारी कमी हुई है और संसाधनों का बेहतर उपयोग संभव हुआ है। इसी क्रम में राज्य सरकार ओ.बी.एम.एस. को और अधिक विस्तार देने जा रही है। अब जल्द ही आरटीडीसी के होटलों की ऑनलाइन बुकिंग और जवाहर कला केन्द्र के कार्यक्रमों की टिकट बुकिंग भी इस प्लेटफॉर्म पर शुरू की जाएगी। साथ ही, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के लगभग 150 से अधिक राजस्थान से बाहर के पर्यटन स्थलों को भी ओ.बी.एम.एस. पर ऑनबोर्ड किया जा चुका है तथा बुकिंग करने की सुविधा प्रक्रियाधीन है। क्यूआर-आधारित ई-टिकट बुकिंग एवं वैलिडेशन प्रणाली पूरी तरह कैशलेस एवं पेपरलेस टिकटिंग की सुविधा देती है। इस पर राजस्थान पैकेजÓ एवं जयपुर पैकेजÓ सहित कम्पोजिट एवं सिटी-आधारित पैकेज भी उपलब्ध हैं। वहीं, पर्यटन स्थलों पर क्यूआर-आधारित ऑडियो गाइड, डिजिटल बोर्डिंग पास, एडवांस चेक-इन, ऑनलाइन फंड ट्रांसफर के साथ ही कैंसलेशन एवं आसान रिफंड जैसे फीचर उपयोगकर्ता के अनुभव को काफी बेहतर करते हैं। इसके अलावा स्मार्ट सर्च, इंटरएक्टिव मैप, एनालिटिक्स एवं रियल-टाइम डैशबोर्ड जैसे फीचर्स से पर्यटकों को एक क्लिक पर सारी जानकारी मिल जाती है। फीडबैक सिस्टम का भी ध्यान रखते हुए ऑनलाइन शिकायत एवं निवारण और आपातकालीन सुविधा भी उपलब्ध करवाई जा रही है। अशोक शर्मा/ 5:30 बजे/ 4 मई 2026