:: हर्षवर्धन और अद्वैत का दबदबा बरकरार, मिशिता ने दिखाया साहसिक खेल :: इंदौर (ईएमएस)। नेहरू स्टेडियम के बैडमिंटन हॉल में सोमवार को नन्हे सितारों की चपलता और खिताबी भूख का अद्भुत नजारा देखने को मिला। शांता देवी कमल भंडारी मेमोरियल सब-जूनियर बैडमिंटन चैंपियनशिप के निर्णायक मुकाबलों में सुचाये देव, आरव कश्यप और काशवी कुशवाहा ने अपने दमदार प्रदर्शन के बूते फाइनल में प्रवेश कर श्रेष्ठता सिद्ध की। टूर्नामेंट की सबसे नन्ही खिलाड़ी मिशिता शर्मा ने भी अपने साहसिक खेल से हारी बाजी पलटते हुए खिताबी जंग का टिकट कटाया। खिलाड़ियों के इसी जज्बे को सलाम करते हुए आईडीबीए ने इस बार हर प्रतिभागी को ई-सर्टिफिकेट देने की अनूठी पहल की है। बालक अंडर-9 वर्ग के सेमीफाइनल मुकाबलों में सुचाये देव ने अव्युक्त गुलहाटी को सीधे गेमों में 21-9, 21-3 से परास्त कर अपनी श्रेष्ठता सिद्ध की। दूसरे सेमीफाइनल में आरव कश्यप ने रेयांश जैन को 21-11, 21-9 से हराकर खिताबी भिड़ंत तय की। बालिका अंडर-9 वर्ग में काशवी कुशवाहा ने कियोना जैन पर 21-8, 21-10 से आसान जीत दर्ज की। इसी वर्ग के रोमांचक मुकाबले में नन्ही मिशिता शर्मा ने याशी भुमरकर के विरुद्ध पहला गेम हारने की स्थिति से उबरते हुए 21-12, 12-21, 21-7 से ऐतिहासिक जीत दर्ज कर दर्शकों की वाहवाही लूटी। बालक अंडर-11 वर्ग में अद्वैत पाटीदार और हर्षवर्धन सिंह राजपूत का दबदबा देखने को मिला। अद्वैत ने अर्पण गांधी को 21-4, 21-6 से, जबकि हर्षवर्धन ने रक्षित यादव को 21-14, 21-12 से हराकर खिताबी मुकाबले में प्रवेश किया। विशेष बात यह रही कि ये दोनों प्रतिभावान खिलाड़ी अंडर-13 वर्ग के भी सेमीफाइनल में पहुँचने में सफल रहे। वहीं, बालिका अंडर-11 के फाइनल में अब पहल चडोकर और इशमान सलूजा के बीच श्रेष्ठता की जंग होगी। अंडर-15 बालक वर्ग के सेमीफाइनल में आरवराज सिंह बग्गा, हृदान दावर, लक्ष्य सिंह चौहान और शोभित गुप्ता ने जगह बनाई। बालिका वर्ग में दिवा चौकसे, मांडवी गांधी, रिद्धिमा सूद और तन्वी दुबे ने शानदार खेल के दम पर अंतिम चार में प्रवेश किया। युगल वर्ग के क्वार्टर फाइनल में स्वस्तिक करवाड़े-वेदांत सिंह तोमर, अरहम जैन-तनिष्क राजपूत और दिवा चौकसे-रिद्धिमा सूद की जोड़ियों ने जीत दर्ज कर पदक की ओर कदम बढ़ाए। :: हर खिलाड़ी का होगा सम्मान :: एसोसिएशन ने इस वर्ष नई परंपरा शुरू करते हुए टूर्नामेंट के प्रत्येक प्रतिभागी को डिजिटल प्रमाण-पत्र (ई-सर्टिफिकेट) देने का निर्णय लिया है। एसोसिएशन के इस कदम का उद्देश्य नन्हे खिलाड़ियों के परिश्रम को सम्मानित करना और उनके मनोबल को बढ़ाना है। प्रकाश/04 मई 2026