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05-May-2026
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- सुरक्षा पर सवाल, राष्ट्रपति ने दिए जांच के आदेश लियुयांग(ईएमएस)। चीन के हुनान प्रांत स्थित लियुयांग शहर में सोमवार को दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया है। यहाँ की एक प्रमुख पटाखा फैक्ट्री में हुए जोरदार धमाके में 21 लोगों की जान चली गई है, जबकि 61 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। यह हादसा शाम करीब 5 बजे गुआंडू टाउनशिप में स्थित लियुयांग हुआशेंग फायरवर्क्स मैन्युफैक्चरिंग एंड डिस्प्ले कोऑपरेशंस नाम की फैक्ट्री में हुआ। धमाका इतना शक्तिशाली था कि इसकी गूँज से आसपास के कई गांव दहल गए। विस्फोट की जानकारी मिलते ही स्थानीय प्रशासन और फायर ब्रिगेड की टीमें सक्रिय हो गईं। मौके पर करीब 500 बचावकर्मियों को तैनात किया गया है, जो मलबे में फंसे लोगों को निकालने और आग पर काबू पाने की कोशिशों में जुटे हैं। घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहाँ डॉक्टरों की विशेष टीम उनका इलाज कर रही है। एहतियात के तौर पर अधिकारियों ने फैक्ट्री के 3 किलोमीटर के दायरे को पूरी तरह खाली करा लिया है, क्योंकि फैक्ट्री परिसर में स्थित दो अन्य गोदामों में भारी मात्रा में बारूद अब भी मौजूद है, जिससे दोबारा धमाके का खतरा बना हुआ है। चश्मदीदों और सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के अनुसार, धमाके के बाद फैक्ट्री से सफेद धुएं का विशाल गुबार उठता देखा गया। इस विस्फोट की तीव्रता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि आसपास के गांवों में घरों की खिड़कियां और दरवाजे टूट गए, और सड़कों पर बड़े पत्थर व मलबा फैल गया। डर के मारे कई ग्रामीणों ने अपने घर छोड़ दिए हैं। चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने इस घटना पर कड़ा रुख अपनाते हुए तत्काल और गहन जांच के आदेश जारी किए हैं। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि लापता लोगों की तलाश में कोई कमी न छोड़ी जाए और घायलों को उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधा प्रदान की जाए। राष्ट्रपति ने उद्योगों में सुरक्षा मानकों की समीक्षा करने और जोखिम नियंत्रण को और अधिक पुख्ता करने की आवश्यकता पर बल दिया है। आपातकालीन प्रबंधन मंत्रालय की एक विशेषज्ञ टीम मौके पर पहुंचकर बचाव कार्य की निगरानी कर रही है। राहत कार्य में इंसानों की मदद के लिए तीन अत्याधुनिक रोबोट भी लगाए गए हैं। इस बीच, पुलिस ने कार्रवाई करते हुए फैक्ट्री के वरिष्ठ अधिकारियों को हिरासत में ले लिया है। गौरतलब है कि कुछ समय पहले हुबेई प्रांत में भी एक ऐसी ही घटना में 12 लोगों की मौत हुई थी, जिसके बाद इस ताज़ा हादसे ने देश में औद्योगिक सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वीरेंद्र/ईएमएस/05मई 2026