साइबर सेल की जांच में फर्जीवाड़े का खुलासा जबलपुर (ईएमएस)। जबलपुर साइबर सेल ने फर्जी सिम रैकेट का भंडाफोड़ किया| इस मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर विवेचना शुरु कर दी| दरअसल दूरसंचार विभाग ने वर्ष 2023 में फेशियल रिकग्निशन टूल के जरिए डेटा का विश्लेषण किया था। इस जांच के दौरान चौकाने वाला तथ्य सामने आया कि एक ही चेहरे का इस्तेमाल करके अलग-अलग नाम और पतों पर बड़ी संख्या में सिम कार्ड जारी किए गए थे। इस मामले में एक ही महिला के चेहरे और फोटो का इस्तेमाल करके 101 सिम कार्ड निकाले जाने का मामला सामने आया है। राज्य साइबर मुख्यालय से मिली जानकारी के बाद जबलपुर साइबर सेल ने सूक्ष्म जांच पड़ताल की। प्रारंभिक जांच के दौरान यह बात सामने आई कि जिस चेहरे का इस्तेमाल किया गया वह नरसिंहपुर निवासी प्राची जैन का है। पुलिस के अनुसार प्राची जैन की फोटो का दुरुपयोग करके कुल 101 सिम कार्ड निकाले गए। इनमें से 95 सिम वोडाफोन आइडिया कंपनी के बताए जा रहे हैं। इस तरह हुआ फर्जीवाड़े का खुलासा........... सभी सिम कार्ड अलग-अलग लोगों के नाम और पते पर जारी किए गए, लेकिन फोटो सिर्फ एक ही महिला की लगाई गई। जांच के दौरान कई पॉइंट ऑफ सेल एजेंटों की भूमिका सामने आई है जिन्होंने नियमों को ताक पर रखकर सिम कार्ड को एक्टिवेट किया। इन एजेंसियों में मनोज मोबाइल से 62, शादाब मोबाइल से 10, पब्लिक सर्विस सेंटर से 9, नर्मदा मोबाइल से 6, कंप्यूटर हब से 5, अप्पू मोबाइल से 2 और शेखर मोबाइल से 1 सिम एक्टिव होने की जानकारी मिली है। हर फोटो के 10 रुपए की दी लालच.............. पुलिस पूछताछ में प्राची जैन ने बताया कि आरोपी अजय पटेल ने प्रत्येक सिम पर 10 रुपये देने का लालच देकर अलग-अलग एंगल से 50 से 60 फोटो खिंचवाए थे। इसके बदले में उसे 500 से 600 रुपये दिए गए थे। पुलिस का यह मानना है कि इन फर्जी सिम कार्ड्स का इस्तेमाल साइबर ठगी, फर्जी कॉलिंग और ऑनलाइन अपराधों में किया जा सकता था। पुलिस की टीम लगातार मास्टरमाइंड और इसमें शामिल अन्य एजेंटों की तलाश में जुटी हुई है। पुलिस ने सभी दस्तावेजों को जब्त कर लिया है| आरोपियों से पूछताछ की जाएगी। सुनील साहू / मोनिका / 06 मई 2026/ 06.20