:: पीएमएवाय 2.0 : शहर में बनेंगे 8136 नए घर, केंद्र सरकार ने दो बड़े प्रोजेक्ट्स को दी मंजूरी; कमिश्नर ने मौके पर पहुँचकर देखा काम :: इंदौर (ईएमएस)। इंदौर शहर में जिन परिवारों के पास अपना घर नहीं है, उनका सपना अब जल्द पूरा होने वाला है। प्रधानमंत्री आवास योजना (पीएमएवाय) 2.0 को लेकर नगर निगम पूरी तरह एक्शन में आ गया है। बुधवार को नगर निगम कमिश्नर क्षितिज सिंघल ने खुद सनावदिया, बढ़ियाकीमा और उमरीखेड़ा जैसे इलाकों का दौरा किया ताकि वहां मकान बनाने की तैयारी देखी जा सके। कमिश्नर ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि कागजी कार्रवाई और निर्माण के काम में बिल्कुल भी देरी न की जाए, ताकि गरीब और जरूरतमंद लोगों को जल्दी से जल्दी उनका घर मिल सके। कमिश्नर श्री सिंघल ने मौके पर इंजीनियरों के साथ जमीन की पैमाइश, आने-जाने के रास्तों और नालियों जैसी सुविधाओं पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि काम शुरू होने से पहले ही सारी तकनीकी दिक्कतें दूर कर ली जाएं ताकि बाद में कोई रुकावट न आए। निरीक्षण के दौरान अपर आयुक्त अर्थ जैन, कार्यपालन यंत्री मितेश सिंगौड, कंसल्टेंट हितेन्द्र मेहता सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे। :: जरूरत के हिसाब से मिलेंगे 1, 2 और 3 बीएचके फ्लैट :: नगर निगम ने इस बार केवल बहुत गरीब परिवारों के लिए ही नहीं, बल्कि मध्यम वर्ग के परिवारों का भी ध्यान रखा है। कुल 5 प्रोजेक्ट्स के जरिए 8136 घर बनाने का प्रस्ताव है। इनमें सबसे ज्यादा 6,048 फ्लैट एक कमरे वाले (1 बीएचके) होंगे जो आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए हैं। इसके अलावा 1,368 फ्लैट दो कमरे वाले (2 बीएचके) और 720 फ्लैट तीन कमरे वाले (3 बीएचके) बनाने की योजना है। :: दो बड़े इलाकों में काम शुरू करने की मिली हरी झंडी :: शहर के लिए अच्छी खबर यह है कि ताप्ती परिसर (ट्रेजर फैंटेसी) और बढ़ियाकीमा इलाके के दो प्रोजेक्ट्स को केंद्र सरकार से मंजूरी मिल गई है। अब इन जगहों पर ठेके देने और निर्माण शुरू करने का रास्ता साफ हो गया है। :: बिना भेदभाव के होगा पात्र लोगों का चयन :: कमिश्नर ने साफ तौर पर कहा कि मकानों के लिए लोगों का चुनाव पूरी ईमानदारी और पारदर्शिता से किया जाएगा। सरकार के नियमों का पूरा पालन होगा ताकि केवल उन्हीं लोगों को मकान मिलें जो वास्तव में इसके हकदार हैं। :: समय पर काम पूरा करने का लक्ष्य :: नगर निगम का पूरा जोर इस बात पर है कि इन बड़ी इमारतों को तय समय के भीतर बना लिया जाए। कमिश्नर ने फाइलें जल्दी निपटाने के निर्देश दिए हैं ताकि शहर के अलग-अलग हिस्सों में ये नई कॉलोनियां जल्द बनकर तैयार हों और लोग अपने नए घरों में रहने जा सकें। नगर निगम की इस कोशिश से न केवल शहर का विकास होगा, बल्कि उन हजारों परिवारों को भी सहारा मिलेगा जो बरसों से अपने घर का इंतजार कर रहे हैं।