:: दुकानदारों ने ली प्लास्टिक त्यागने की शपथ: अब ग्राहकों को नहीं देंगे सिंगल यूज़ प्लास्टिक; नगर निगम ने चौपाल लगाकर दी समझाइश :: इंदौर (ईएमएस)। स्वच्छता के शिखर पर काबिज इंदौर को अब सिंगल यूज प्लास्टिक से पूरी तरह मुक्त करने के लिए नगर निगम ने मैदानी मोर्चा संभाल लिया है। महापौर पुष्यमित्र भार्गव एवं आयुक्त क्षितिज सिंघल के निर्देशानुसार, शहर में प्लास्टिक मुक्त बाजार बनाने के लिए लगातार जागरूकता गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। इसी कड़ी में अपर आयुक्त प्रखर सिंह के नेतृत्व में झोन क्रमांक 19 के अंतर्गत स्कीम नंबर 140 स्थित चौपाटी क्षेत्र में “सिंगल यूज प्लास्टिक फ्री मार्केट अवेयरनेस चौपाल” का आयोजन किया गया, जिसमें व्यापारियों और निगम अधिकारियों ने स्वच्छता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। चौपाल के दौरान अपर आयुक्त प्रखर सिंह ने स्वयं पूरे चौपाटी क्षेत्र का भ्रमण किया और दुकानदारों से व्यक्तिगत रूप से चर्चा की। उन्होंने व्यापारियों को सिंगल यूज प्लास्टिक के पर्यावरण और स्वास्थ्य पर होने वाले दुष्प्रभावों की जानकारी देते हुए इसे पूरी तरह बंद करने की समझाइश दी। अपर आयुक्त ने व्यापारियों से आग्रह किया कि वे ग्राहकों को भी जागरूक करें और प्लास्टिक के स्थान पर बायोडिग्रेडेबल सामग्री का उपयोग शुरू करें। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रत्येक दुकान के बाहर गीले और सूखे कचरे के लिए अलग-अलग डस्टबिन रखना अनिवार्य है ताकि कचरा प्रबंधन सही ढंग से हो सके। इस जागरूकता चौपाल में झोन नियंत्रण अधिकारी, स्वास्थ्य अधिकारी और विभिन्न एनजीओ प्रतिनिधियों के साथ बड़ी संख्या में स्थानीय व्यापारी शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान सभी उपस्थित जनों ने सामूहिक रूप से स्वच्छता की शपथ ली और संकल्प किया कि वे न तो स्वयं सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग करेंगे और न ही दूसरों को करने देंगे। व्यापारियों को प्रेरित किया गया कि वे अपने क्षेत्र को साफ-सुथरा रखने में जिम्मेदारी निभाएं और कचरा इधर-उधर फैलाने वालों को भी टोकें। कार्यक्रम के समापन पर स्कीम नंबर 140 चौपाटी के व्यापारियों ने नगर निगम को भरोसा दिलाया कि वे इस क्षेत्र को “आदर्श स्वच्छ एवं प्लास्टिक मुक्त चौपाटी” के रूप में विकसित करने के लिए पूरा सहयोग करेंगे। व्यापारियों के इस सकारात्मक रुख पर निगम अधिकारियों ने सराहना करते हुए कहा कि इस दिशा में सतत निगरानी रखी जाएगी और आवश्यक कार्रवाई भी जारी रहेगी। निगम की इस पहल का उद्देश्य शहर के खान-पान क्षेत्रों को न केवल स्वच्छ बनाना है, बल्कि उन्हें पर्यावरण के अनुकूल पर्यटन स्थलों के रूप में पहचान दिलाना भी है।