क्षेत्रीय
06-May-2026
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द्वारकापुरी के शीतलनाथ जिनालय में 25वां ध्वजारोहण महोत्सव प्रारंभ; पंयास प्रवर योगरुचि विजय म.सा. के सानिध्य में हुआ 108 पार्श्वनाथ महापूजन :: इंदौर (ईएमएस)। जिनशासन ने विश्व को सत्य, अहिंसा, अपरिग्रह और करुणा की वह अनमोल धरोहर सौंपी है, जो बिना किसी भेदभाव के युगों-युगों तक जीव मात्र के उद्धार का मार्ग प्रशस्त करती है। त्याग और समर्पण की भट्टी में तपकर ही कोई आत्मा महापुरुष के पद को प्राप्त करती है। 23वें तीर्थंकर भगवान पार्श्वनाथ जिनशासन के वे देदीप्यमान स्तंभ हैं, जिन्होंने मात्र 30 वर्ष की अल्पायु में केवल्य ज्ञान प्राप्त कर पूर्ववर्ती तीर्थंकरों की परंपराओं को नई ऊंचाइयां प्रदान कीं। उनके द्वारा प्रतिपादित सत्य, अचौर्य और अपरिग्रह के व्रत आज के दौर में और अधिक प्रासंगिक हो गए हैं। ये ओजस्वी आशीर्वचन पंयास प्रवर योगरुचि विजय महाराज साहब ने बुधवार को द्वारकापुरी स्थित शीतलनाथ जैन श्वेतांबर मंदिर के 25वें ध्वजारोहण महोत्सव के अंतर्गत व्यक्त किए। अवसर था 108 भगवान पार्श्वनाथ के महापूजन का, जहाँ महाराज साहब ने पार्श्व प्रभु की महत्ता पर प्रकाश डाला। धर्मसभा में वर्धमान तपोनिधि प्रियदर्शन विजय म.सा. एवं नंदीरूचि विजय म.सा. आदिठाणा की पावन निश्रा भी समाज को प्राप्त हुई। ध्वजा महोत्सव के चतुर्थ सोपान पर विधिकारक के निर्देशन में नवकारसी सहित विभिन्न धार्मिक क्रियाएं संपन्न हुईं। प्रारंभ में मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष संजय नाहर, उपाध्यक्ष सुशील कुकड़ा, सचिव चेतन भंडारी सहित अमृत मूणत, विनोद कोठारी और रीतेश सेखावत ने समाज बंधुओं की अगवानी की। आयोजन में वीरमणि युवामित्र मंडल, शीतलनाथ महिला मंडल और सामायिक मंडल सहित श्रीसंघ के सैकड़ों सदस्यों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। :: संगीतमय महाआरती और भजन संध्या आज :: महोत्सव की श्रृंखला में गुरुवार 7 मई को आध्यात्मिक आयोजनों की धूम रहेगी। प्रातःकाल श्रीसिद्धाचल नवाण प्रभारी महापूजन की आराधना की जाएगी। वहीं, रात्रि 7 बजे से प्रभु मणिभद्रवीर की भव्य संगीतमय महाआरती का आयोजन होगा। इस अवसर पर उज्जैन के प्रसिद्ध संगीतकार राज मोदी और उनकी टीम भजनों की सुमधुर प्रस्तुतियां देंगे। :: कल शिखर पर फहराएगी 25वीं ध्वजा :: महोत्शुव का मुख्य कार्यक्रम शुक्रवार 8 मई को गुरुदेव की पावन निश्रा में संपन्न होगा। विधिकर्ता आशीष जैन (जावरा) के निर्देशन में प्रातः स्नात्र पूजन के पश्चात ध्वजारोहण की विधि प्रारंभ होगी। इस दौरान 70 वेदी पूजन, भव्य वरघोड़ा और मंदिरजी के गगनचुंबी शिखर पर हर्षोल्लास के साथ 25वां ध्वजारोहण किया जाएगा।