क्षेत्रीय
06-May-2026
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कलेक्टर ने की शिक्षा संबंधी योजनाओं की समीक्षा खैरलांजी, बैहर, वारासिवनी, बिरसा विखं में बच्चों के नामांकन में पाई गई कमी बालाघाट (ईएमएस). कलेक्टर मृणाल मीना ने 6 मई को जिले के सभी विकासखंड के बीआरसी एवं खंड शिक्षा अधिकारियों की बैठक लेकर शिक्षा संबंधी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की और आवश्यक दिशा निर्देश दिये। बैठक में वर्ष 2026-27 में कक्षा 1 से 8 तक दर्ज विद्यार्थियों को निशुल्क पाठ्य पुस्तक वितरण की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने सभी बीआरसी एवं बीईओ को सख्त निर्देश दिये कि सभी बच्चों को पाठ्य पुस्तक वितरण के साथ ही उसकी ऑनलाईन एंट्री अनिवार्य रूप से की जाए। विकासखंड बिरसा, कटंगी, लालबर्रा, परसवाडा एवं वारासिवनी में पाठ्यपुस्तक वितरण में कम प्रगति पाये जाने पर इसमें शीघ्रता से सुधार करने के निर्देश दिये गए। कलेक्टर ने कक्षा 1 से 4 के बच्चों के एफएलएन सर्वे के लिए बच्चों को अभ्यास पुस्तिका उपलब्ध कराने और बच्चों का शैक्षणिक स्तर बेहतर बनाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि पिछले एफएलएन सर्वे में जिले की स्थिति संतोषजनक नही पायी गई है। कुछ शालाओं में बच्चों का गिनती एवं हिन्दी भाषा का ज्ञान बहुत कमजोर पाया गया है। जिले की सभी शालाओं में एफएलएन सर्वे पर विशेष ध्यान दिया जाए। जिन शालाओं में बच्चों का शैक्षणिक स्तर कमजोर पाया गया वहां के शिक्षकों का कार्यवाही का प्रस्ताव जिला कार्यालय को भेजे। नामांकन में धीमी प्रगति पर सख्ती बैठक में कक्षा 1 से 8 एवं कक्षा 9 से 12 तक छात्र छात्राओं के नामांकन की समीक्षा की गई। जिसमें पाया गया कि विकासखंड खैरलांजी, बैहर, वारासिवनी, बिरसा की प्रगति संतोषजनक नहीं पायी गई। कक्षा 9 से 12 में छात्र छात्राओं का पंजीयन 102 प्रतिशत होना बताया गया। कलेक्टर ने सभी बीआरसी को सख्त निर्देश दिये कि एक सप्ताह के भीतर सभी शालाओं में शत प्रतिशत बच्चों का नामांकन पूर्ण हो जाना चाहिए। जिस विकासखंड में नामांकन का लक्ष्?य पूर्ण नही होगा वहॉ के बीआरसी एवं बीईओ के विरूद्ध कार्यवाही की जाएगी। जीर्ण-शीर्ण शाला भवनों का करें सुधार कार्य कलेक्टर ने बैठक में अधिकारियों को सख्त निर्देश दिये कि उनके क्षेत्र में यदि कोई शाला भवन जीर्णशीर्ण है या उसमें मरम्मत या सुधार कार्य कराया जाना है तो इसके लिए राशि की मांग कर ले। जिला प्रशासन डीएमएफ या अन्य मद से इस कार्य के लिए राशि उपलब्ध करायेगा। जो कार्य स्थानीय स्तर पर ग्राम पंचायत से कराये जा सकते है उन्हें सरपंच सचिव से समन्वय कर करा लिया जाए। हाईस्कूल एवं हायर सेकेण्डरी स्कूलों में मरम्मत के लिए शासन से राशि उपलब्ध करायी जा रही है। वर्षा के दिनों में जिले में कही से भी शाला भवन में पानी टपकने या उसके टूटे-फूटे होने की शिकायत प्राप्त होगी तो इसे संबंधित बीआरसी की व्यक्तिगत जिम्मेदारी माना जाएगा, और उसके विरूद्ध कार्यवाही की जाएगी।