लाहौर (ईएमएस)। आर्थिक संकटों में फंसे पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने अब पीमियर लीग (पीएसएल) टूर्नामेंट समाप्त होने के बाद अरबों रुपये की वसूली के लिए अभियान शुरु कर दिया है। पीसीबी को कई फ्रेंचाइजी, प्रसारण और व्यावसायिक साझेदारों से बकाया अरबों रुपये की राशि अब तक नहीं मिली है। जिसको देखते हुए बोर्ड अब कड़ा रुख अपनाना चाहता है। बोर्ड ने इन सभी पक्षों को कानूनी नोटिस जारी कर भुगतान न करने पर गंभीर कानूनी कार्रवाई का सामना करने की चेतावनी दी है। इस अभियान के तहत शुरुआत में पाकिस्तान सुपर लीग (पीएसएल) की कुछ ऐसी फ्रेंचाइजी को नोटिस भेजे गए थे, जिन्होंने अपनी वार्षिक फीस का भुगतान नहीं किया था। इन नोटिसों के बाद, संबंधित फ्रेंचाइजी ने अपनी बकाया राशि का भुगतान कर दिया है। हालांकि, भुगतान के साथ ही उन्होंने बोर्ड से यह भी मांग की है कि वह 2010 से लंबित फ्रेंचाइजी के केंद्रीय पूल से उनके हिस्से का बकाया चुकाए। वहीं कि एक फ्रेंचाइजी ने अपनी शिकायत में कहा था कि उसकी वार्षिक फीस इसलिए अटकी हुई थी क्योंकि बोर्ड ने पीएसएल के 10वें सत्र के लिए केंद्रीय पूल से उसके पूरे हिस्से (लगभग 96 करोड़ पाकिस्तानी रुपये) का भुगतान अभी तक नहीं किया है। इस पर पीसीबी ने स्पष्ट कर दिया कि जब तक अनुबंधित पक्ष अपनी जिम्मेदारियों को पूरा नहीं करेंगे, तब तक बोर्ड बकाये का भुगतान कैसे कर सकता है। बोर्ड पर अब भी पीएसएल के 2025 के केंद्रीय पूल से कुछ फ्रेंचाइजी का 40 से 45 करोड़ रुपये बकाया है, जिसे अभी चुकाया जाना बाकी है। पीसीबी की सबसे बड़ा बकायेदार एक ऐसी कंपनी है जिसने बोर्ड से न केवल पीएसएल के लिए बल्कि अन्य अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मुकाबलों के लिए भी प्रसारण, अन्य मीडिया और व्यावसायिक अधिकार हासिल किए थे। इस कंपनी पर लगभग 4.5 अरब पाकिस्तानी रुपये बकाया हैं, जिसका भुगतान उसने अभी तक नहीं किया है। गिरजा/ईएमएस 07 मई 2026