राष्ट्रीय
07-May-2026
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प्रसून जोशी के इस्तीफे के बाद रिक्त हुआ था पद नई दिल्ली(ईएमएस)। केंद्र सरकार ने फिल्म प्रमाणन और सेंसरशिप की प्रक्रिया को नई दिशा देने के उद्देश्य से एक बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने आधिकारिक घोषणा करते हुए केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) की कमान शशि शेखर वेम्पति को सौंप दी है। वेम्पति अगले तीन वर्षों तक इस महत्वपूर्ण पद की जिम्मेदारी संभालेंगे। फिल्म जगत और मीडिया गलियारों में इस नियुक्ति को लेकर काफी सकारात्मक हलचल है, क्योंकि सेंसर बोर्ड फिल्मों की सामग्री और उनकी सार्वजनिक रिलीज को लेकर देश की सबसे प्रभावशाली संस्थाओं में से एक है। यह नियुक्ति प्रसिद्ध गीतकार और लेखक प्रसून जोशी के इस्तीफे के बाद हुई है। दरअसल, प्रसून जोशी को अब प्रसार भारती का नया चेयरमैन नियुक्त किया गया है, जिसके कारण उन्होंने सेंसर बोर्ड के अध्यक्ष पद से अपनी जिम्मेदारी छोड़ दी थी। उनके कार्यकाल के दौरान बोर्ड ने कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए और कुछ विवादों का भी सामना किया। अब सरकार ने एक अनुभवी और तकनीकी रूप से सक्षम नाम की तलाश के बाद शशि शेखर वेम्पति पर भरोसा जताया है, ताकि बोर्ड के कामकाज में आधुनिक दृष्टिकोण और नई ऊर्जा का समावेश किया जा सके। शशि शेखर वेम्पति मीडिया, ब्रॉडकास्टिंग और सार्वजनिक संचार के क्षेत्र में एक जाना-पहचाना नाम हैं। उन्हें नीति निर्माण और डिजिटल मीडिया का व्यापक अनुभव प्राप्त है। विशेषज्ञों का मानना है कि उनके नेतृत्व में फिल्मों के प्रमाणन की प्रक्रिया पहले से अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष और समयबद्ध होगी। भारतीय फिल्म उद्योग में अक्सर सेंसरशिप के कड़े नियमों और रचनात्मक स्वतंत्रता को लेकर तीखी बहस होती रहती है। ऐसे में वेम्पति के पास डिजिटल युग की नई चुनौतियों और फिल्म निर्माताओं की रचनात्मक आजादी के बीच एक स्वस्थ संतुलन स्थापित करने की बड़ी जिम्मेदारी होगी। यह देखना दिलचस्प होगा कि वह तकनीकी सुधारों के जरिए बोर्ड की कार्यप्रणाली को कितना सुगम और आधुनिक बनाते हैं। वीरेंद्र/ईएमएस/07मई 2026