- दूसरे दिन भी जारी रहा अभियान बिलासपुर (ईएमएस)। मंगलवार की रात अचानक बदले मौसम और तेज आंधी-तूफान ने शहर की रफ्तार थाम दी, लेकिन हालात संभालने में नगर निगम की मुस्तैदी ने बड़ी राहत दी। शहर के कई इलाकों में पेड़ गिरने और टहनियों के टूटकर लटकने से जनजीवन प्रभावित हुआ, वहीं सडक़, बिजली के खंभों और तारों पर भी पेड़ गिरने की घटनाएं सामने आईं। निगम कमिश्नर प्रकाश कुमार सर्वे के निर्देश पर तुरंत एक्शन लेते हुए राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया। रात 8 बजे से शुरू हुआ यह अभियान बुधवार को भी लगातार जारी रहा। शहर के आठों जोन और मुख्यालय की दो टीमों को मिलाकर व्यापक स्तर पर ऑपरेशन चलाया गया। 70 से अधिक स्थानों पर कार्रवाई नगर निगम की टीमों ने अब तक 70 से ज्यादा स्थानों से गिरे हुए पेड़ों को हटाया। ये पेड़ सडक़ों, डिवाइडर और बिजली के तारों पर गिरे थे, जिससे ट्रैफिक और सुरक्षा दोनों पर खतरा बना हुआ था। प्राथमिकता के आधार पर रातभर में अधिकांश स्थानों को क्लियर कर दिया गया, जबकि बाकी जगहों पर बुधवार को काम पूरा किया गया। मशीनों और संसाधनों का पूरा उपयोग इस अभियान में करीब 10 जेसीबी, 3 ट्री-कटर वाहन और अन्य संसाधनों का उपयोग किया गया। सभी जोनों की टीमों ने समन्वय के साथ तेजी से काम कर हालात को सामान्य बनाने में अहम भूमिका निभाई। सुबह 5 बजे से सफाई अभियान आंधी-तूफान के कारण शहर में पत्तियां और कचरा बिखर गया था। निगम की सफाई टीम सुबह 5 बजे से ही सडक़ों पर उतर गई और व्यापक स्तर पर सफाई कार्य शुरू किया गया। पानी और बिजली की वैकल्पिक व्यवस्था कई क्षेत्रों में रातभर बिजली बाधित रही, जिससे पानी की आपूर्ति भी प्रभावित हुई। इसे देखते हुए निगम ने वैकल्पिक व्यवस्था के तहत पानी सप्लाई सुनिश्चित की। जहां जरूरत पड़ी, वहां टैंकर के माध्यम से पानी पहुंचाया गया और बिजली बहाल होते ही व्यवस्था सामान्य कर दी गई। निगम की तत्परता बनी मिसाल पूरे अभियान में नगर निगम की सक्रियता और तत्परता ने संभावित जनहानि और बड़े नुकसान को टाल दिया। शहरवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में निगम की भूमिका सराहनीय रही। - 07 मई 2026