:: पेयजल और गेहूं खरीदी शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता; कलेक्टर्स को नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश :: धार/इंदौर (ईएमएस)। भीषण गर्मी और गेहूं उपार्जन के पीक सीजन को देखते हुए शासन ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। अपर मुख्य सचिव (एसीएस) और इंदौर संभाग प्रभारी अनुपम राजन ने गुरुवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संभाग के सभी कलेक्टर्स और वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने स्पष्ट किया कि पेयजल आपूर्ति और गेहूं उपार्जन में किसी भी स्तर पर कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। धार वीसी कक्ष से संचालित इस बैठक में संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े सहित संभाग के सभी जिलों के कलेक्टर्स शामिल हुए। अपर मुख्य सचिव अनुपम राजन ने निर्देश दिए कि उपार्जन के शेष समय में केंद्रों पर भीड़ बढ़ने की संभावना है, लिहाजा पर्याप्त संख्या में इलेक्ट्रॉनिक तौल कांटों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कलेक्टर्स को उपार्जन केंद्रों के निरीक्षण के लिए विशेष दल गठित करने के निर्देश देते हुए कहा कि अधिकारी स्वयं मैदान में उतरकर नियमित मॉनिटरिंग करें। किसानों की उपज की तुलाई समय पर हो और भुगतान में कोई बाधा न आए, इसे प्राथमिकता पर रखा जाए। दौरे और समीक्षा के दौरान राजन ने मानवीय पक्ष पर जोर देते हुए कहा कि केंद्रों पर आने वाले किसानों के लिए शीतल पेयजल, छाया और अन्य बुनियादी सुविधाएं अनिवार्य रूप से उपलब्ध हों। उन्होंने कलेक्टर्स को निर्देशित किया कि स्थानीय स्तर पर आने वाली किसी भी समस्या का तत्काल निराकरण करें ताकि किसानों को परेशानी न हो। :: नल-जल और हैंडपंपों पर फोकस :: पेयजल व्यवस्था की समीक्षा करते हुए अपर मुख्य सचिव ने कहा कि संभाग के सभी जिलों में शुद्ध पेयजल की नियमित आपूर्ति हर हाल में सुनिश्चित की जाए। उन्होंने बंद पड़े हैंडपंपों के तत्काल संधारण और जल गंगा संवर्धन अभियान के कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। बैठक में राजस्व वसूली की स्थिति की भी समीक्षा की गई। इस दौरान संयुक्त आयुक्त विकास शिवानी वर्मा, उपायुक्त पुरुषोत्तम पाटीदार सहित पीएचई और खाद्य विभाग के आला अफसर मौजूद रहे। प्रकाश/07 मई 2026