नई दिल्ली (ईएमएस)। दिल्ली की सड़कों पर अब अपराधियों के चेहरे बदल गए हैं। हाथ में चाकू लिए, मोबाइल लूटते, हत्या करते कई चेहरे नाबालिग हैं। किशोरों को अपराध के दलदल में उतरने से रोकने के लिए अभियान तो चलाए गए लेकिन वह दस्तावेज से बाहर नहीं निकल सके। एनसीआरबी के 2024 के आंकड़ों के मुताबिक, शहर में 2306 मामले दर्ज हुए, जो देश के सभी महानगरों में सबसे ज्यादा हैं। 2023 में यह संख्या 2278 थी, यानी तमाम अभियानों के दावों के बावजूद ग्राफ बढ़ गया। यहां प्रति एक लाख की आबादी में से करीब 42 नाबालिग अपराधी हैं, जो देश के किसी भी हिस्से से सबसे ज्यादा है। विशेषज्ञों के अनुसार, गरीबी और बेरोजगारी किशोरों को जल्दी पैसा कमाने के लिए अपराध की ओर धकेलती है। नशे की लत भी एक बड़ा कारण बन रही है। वहीं, सोशल मीडिया पर व प्रसारित हो रही हिंसक रील्स अपराध को रोमांच की तरह पेश करती हैं। ....../नई दिल्ली/ईएमएस/08/ मई/2026