राष्ट्रीय
09-May-2026
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कोलकाता,(ईएमएस)। पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक नए युग का सूत्रपात करते हुए भारतीय जनता पार्टी ने शुभेंदु अधिकारी को राज्य के मुख्यमंत्री पद के लिए चुना है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने इसे 100 वर्षों की वैचारिक यात्रा और कार्यकर्ताओं के लंबे संघर्ष का परिणाम बताया। उन्होंने वर्ष 2015 में राज्य में भाजपा का खाता खुलने से लेकर 2026 में 207 सीटों के प्रचंड बहुमत तक पहुँचने के सफर को ऐतिहासिक करार दिया। गृहमंत्री ने भावुक होते हुए कहा कि यह जीत बंगाल की धरती पर बलिदान हुए 321 भाजपा कार्यकर्ताओं की शहादत का प्रतिफल है। इस विजय उत्सव के दौरान जहां शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व की सराहना की गई, वहीं एक साधारण पृष्ठभूमि से आने वाली नवनिर्वाचित विधायक कलिता माझी की जीत ने सबका ध्यान खींचा। औसग्राम विधानसभा सीट से जीत दर्ज करने वाली कलिता माझी कभी दूसरों के घरों में बर्तन मांजने का काम करती थीं। उन्होंने तृणमूल कांग्रेस के प्रत्याशी को 12,535 मतों के अंतर से हराकर विधानसभा में अपनी जगह बनाई है। अमित शाह ने कलिता माझी को बंगाल की दारुण गरीबी में जी रही महिलाओं के लिए आशा की किरण बताया और सदन में मौजूद सभी लोगों से उनके सम्मान में तालियां बजवाईं। सरकार गठन की इस प्रक्रिया में उन चेहरों को विशेष सम्मान दिया गया जो अन्याय के विरुद्ध संघर्ष का प्रतीक बनकर उभरे हैं। इनमें संदेशखाली की घटनाओं के विरुद्ध सत्याग्रह का चेहरा रहीं हिंगलगंज की रेखा पात्रा और पानीहाटी की रत्ना देवनाथ का नाम प्रमुखता से लिया गया। गृहमंत्री ने कहा कि इन महिलाओं की जीत बंगाल की माताओं और बहनों के स्वाभिमान की जीत है। शुभेंदु अधिकारी के नाम की घोषणा के साथ ही यह साफ हो गया है कि नई सरकार विकास और सुरक्षा के एजेंडे पर काम करेगी। पार्टी नेतृत्व ने विश्वास जताया है कि यह सरकार बंगाल के खोये हुए गौरव को वापस लाने और प्रशासनिक व्यवस्था में आमूल-चूल परिवर्तन करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ेगी। कार्यकर्ताओं के त्याग और ज़मीनी स्तर से जुड़ी महिला प्रतिनिधियों की इस जीत ने बंगाल की सत्ता के गलियारों में एक नई राजनीतिक संस्कृति की नींव रख दी है। वीरेंद्र/ईएमएस/09मई 2026