व्यापार
09-May-2026
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- विधानसभा चुनाव नतीजों के शुरुआती रुझानों ने दिया सहारा, सप्ताह की मजबूत शुरुआत के बावजूद अंत नई ‎दिल्ली (ईएमएस)। भारतीय शेयर बाजार के लिए यह सप्ताह किसी रोलर-कोस्टर की सवारी जैसा रहा। वैश्विक भू-राजनीतिक घटनाओं, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और घरेलू चुनावी रुझानों ने बाजार की दिशा तय की। शुरुआती उत्साह, मध्य-सप्ताह की जोरदार तेजी और फिर अंत में मुनाफ़ावसूली तथा बढ़ते तनाव के चलते आई गिरावट के बावजूद, प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी ने सप्ताह का समापन मामूली बढ़त के साथ किया, जो निवेशकों की सतर्कता और लचीलेपन दोनों को दर्शाता है। तेल और चुनावी रुझानों का असर सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को घरेलू शेयर बाजार में शानदार शुरुआत देखने को मिली। वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई नरमी और अमेरिका-ईरान तनाव में कमी के शुरुआती संकेतों ने निवेशकों का उत्साह बढ़ाया। इसके साथ ही पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव परिणामों के शुरुआती रुझानों से मिले सकारात्मक संकेतों ने बाजार को और गति दी। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 800 अंकों से अधिक उछल गया और निफ्टी 24,240 के स्तर को पार कर गया। दिन के अंत में हालांकि आईटी और बैंक शेयरों में कुछ गिरावट दर्ज हुई, पर बाजार हरे निशान में बंद हुआ, जहां सेंसेक्स 355.90 अंक बढ़कर 77,269.40 पर और निफ्टी 121.75 अंक चढ़कर 24,119.30 पर पहुंच गया। दूसरे दिन मुनाफावसूली और सतर्कता का रुख सोमवार की तेजी के बाद मंगलवार को बाजार में कमजोरी का रुख रहा। शुरुआती कारोबार में ही भारी मुनाफावसूली हावी रही, जिससे निवेशक सतर्कतापूर्ण रुख अपनाते दिखे। बंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 361.62 अंक गिरकर 76,907.78 के स्तर पर आ गया, जबकि निफ्टी 134.90 अंकों की गिरावट के साथ 23,980.60 पर पहुंच गया। दिन का कारोबार खत्म होने पर, सेंसेक्स 251.61 अंक गिरकर 77,017.79 पर और निफ्टी 86.50 अंक गिरकर 24,032.80 पर बंद हुआ। वैश्विक संकेतों से मिली ताकत बुधवार का दिन निवेशकों के लिए बेहद शानदार साबित हुआ। वैश्विक मोर्चे पर कच्चे तेल की कीमतों में लगातार गिरावट और भू-राजनीतिक तनाव के जल्द सुलझने की उम्मीदों ने बाजार की धारणा को काफी मजबूत किया। निवेशकों की भारी खरीदारी के दम पर, शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 657.22 अंक उछलकर 77,675.01 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी भी 218 अंकों की मजबूत रैली के साथ 24,250.85 पर कारोबार करता नजर आया। दिन के अंत में यह तेजी और बढ़ गई और सेंसेक्स 940.73 अंक बढ़कर 77,958.52 पर तथा निफ्टी 298.15 अंक बढ़कर 24,330.95 पर पहुंच गया, जो सप्ताह की सबसे बड़ी एक दिवसीय बढ़त थी। सप्ताह के अंत में फिर भू-राजनीतिक तनाव और बिकवाली का दबाव गुरुवार को बाजार ने सपाट शुरुआत की, हालांकि शुरुआती बढ़त के बाद बिकवाली के दबाव से नरमी दिखी। विदेशी निवेशकों की बिकवाली के कारण दिन भर उतार-चढ़ाव बना रहा और अंततः सेंसेक्स 114.00 अंक गिरकर 77,844.52 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी लगभग सपाट 4.30 अंक टूटकर 24,326.65 पर रहा। प्ताह के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को भारतीय इक्विटी बाजार पर मध्य-पूर्व से जुड़ी नई भू-राजनीतिक चिंताओं का गहरा असर पड़ा। पश्चिम एशिया में होर्मुज जलडमरूमध्य के पास अमेरिका और ईरान के बीच फिर से शुरू हुए सैन्य तनाव ने वैश्विक निवेशकों की चिंताओं को बढ़ा दिया। इस अनिश्चितता के माहौल में बैंकिंग शेयरों में बिकवाली और भारी मुनाफावसूली देखने को मिली। दिन के अंत में बीएसई सेंसेक्स 516.33 अंकों (0.66 प्रतिशत) की गिरावट के साथ 77,328.19 के स्तर पर बंद हुआ। इसी तरह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 50 इंडेक्स भी 150.50 अंक (0.62 प्रतिशत) फिसलकर 24,176.15 के स्तर पर आ गया। स्थिरता के बीच लचीलापन कुल मिलाकर यह सप्ताह भारतीय शेयर बाजार के लिए काफी अस्थिरता भरा रहा। भू-राजनीतिक हलचल, कच्चे तेल की कीमतों का उतार-चढ़ाव, घरेलू चुनाव परिणाम और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों ने बाजार को लगातार प्रभावित किया। शुरुआती मजबूती और मध्य-सप्ताह की जोरदार रैली के बावजूद, अंत में मध्य-पूर्व के बढ़ते तनाव और मुनाफावसूली ने बाजार को नीचे धकेला। हालांकि, सप्ताह के अंत में सोमवार के बंद स्तरों की तुलना में सेंसेक्स और निफ्टी ने मामूली बढ़त के साथ समापन किया, जो बाजार के लचीलेपन और निवेशकों के एक बड़े वर्ग द्वारा हर गिरावट पर खरीदारी के रुख को दर्शाता है। आने वाले सप्ताह में भी वैश्विक भू-राजनीतिक स्थिति और कच्चे तेल की कीमतें बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। सतीश मोरे/09मई ---