क्षेत्रीय
09-May-2026
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मुख्यमंत्री मोहन यादव, सिंधिया और अड़ानी की मौजूदगी में होगा सीमेंट प्लांट का शिलान्यास, गुना में निकलेगा भव्य रोड शो गुना (ईएमएस)। गुना शहर से लगे ग्राम मावन में बनने जा रहे अड़ानी ग्रुप के सीमेंट प्लांट का भव्य शिलान्यास कार्यक्रम रविवार 10 मई को आयोजित होगा। इस मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, केंद्रीय मंत्री एवं क्षेत्रीय सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया, अड़ानी समूह से करण अड़ानी सहित प्रदेश सरकार के प्रभारी मंत्री गोविंद सिंह राजपूत, भाजपा के वरिष्ठ नेता और बड़ी औद्योगिक हस्तियां गुना पहुंचेंगी। कार्यक्रम को लेकर जिले में कई दिनों से प्रशासनिक स्तर पर व्यापक तैयारियां चल रही हैं और पूरे आयोजन को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं में भी उत्साह का माहौल बना हुआ है। कार्यक्रम के तहत मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया हवाई पट्टी पर पहुंचने के बाद सड़क मार्ग से लाल परेड ग्राउंड आएंगे। इसके बाद यहां से एक भव्य रोड शो निकाला जाएगा, जो कैंट थाना क्षेत्र, सदर बाजार और पुलिस लाइन होते हुए दशहरा मैदान पहुंचेगा। दोपहर 2 बजे दशहरा मैदान में विशाल जनसभा आयोजित होगी, जहां सीमेंट प्लांट के शिलान्यास सहित अन्य कार्यक्रम संपन्न किए जाएंगे। रोड शो और सभा को लेकर शहर के प्रमुख मार्गों पर विशेष सजावट और सुरक्षा व्यवस्था की जा रही है। कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए भाजपा नेताओं द्वारा लगातार जनसंपर्क भी किया जा रहा है। नपाध्यक्ष सविता अरविंद गुप्ता, पूर्व मंत्री महेंद्र सिंह सिसौदिया सहित अन्य जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता गांव-गांव पहुंचकर लोगों को कार्यक्रम में शामिल होने का आमंत्रण दे रहे हैं। जानकारी के अनुसार ग्राम मावन में लगभग 32 हेक्टेयर भूमि पर करीब 1059 करोड़ रुपए की लागत से इस सीमेंट प्लांट का निर्माण किया जाएगा। पहले चरण में स्थापित होने वाली यूनिट की प्रतिदिन उत्पादन क्षमता लगभग 5500 टन होगी। इस परियोजना से करीब एक हजार लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलने की संभावना जताई जा रही है। बताया जा रहा है कि निर्माण कार्य दो चरणों में पूरा किया जाएगा। पहले चरण की यूनिट तैयार होने के बाद अगले चरण में लगभग इतनी ही लागत से दूसरी यूनिट स्थापित की जाएगी, जिससे क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों को और अधिक गति मिलेगी। इस प्लांट में सीमेंट निर्माण की पूरी प्रक्रिया नहीं होगी, बल्कि यहां ग्राइंडिंग और पैकेजिंग यूनिट संचालित की जाएगी। तैयार क्लिंकर बाहर से लाया जाएगा, जिसे यहां जिप्सम और अन्य सामग्री के साथ प्रोसेस कर सीमेंट तैयार किया जाएगा। इसके बाद उसी प्लांट में उसकी पैकेजिंग की जाएगी। प्रशासन का दावा है कि यह यूनिट पर्यावरण की दृष्टि से अपेक्षाकृत सुरक्षित रहेगी, क्योंकि इसमें भारी स्तर पर कोयला जलाने जैसी प्रक्रिया नहीं होगी। हालांकि प्लांट शुरू होने के बाद क्षेत्र में भारी वाहनों की आवाजाही बढ़ने की संभावना है, जिसे लेकर यातायात प्रबंधन भी प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती माना जा रहा है। -सीताराम नाटानी