- हजारों की तनख्वाह पाने वाले डॉक्टर घर बैठे लगा रहे फर्जी हाजरी, वीडिया हुआ वायरल अशोकनगर। स्वास्थ्य विभाग का सार्थक ऐप जिले में निरर्थक साबित हो रहा है। सार्थक ऐप के जरिए हाजिरी दर्ज करने की व्यवस्था को कुछ डॉक्टरों ने फर्जीवाड़े का जरिया बना लिया। डॉक्टर डिजिटल अटेंडेंस ऐप में ड्यूटी पर दिखाई देते हैं लेकिन हकीकत में वह अपनी कुर्सी से गायब रहते हैं। कोई टेब के जरिए दूर बैठकर हाजिरी लगा रहा है, तो कोई दूसरों से अपनी अटेंडेंस लगवा रहा है। शनिवार को इसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। वायरल वीडियो में जिला अस्पताल के डीआरपी (डिस्ट्रिक्ट रेजिडेंस प्रोग्राम) पद पर तैनात डॉ. आशुतोष दिखाई दे रहे हैं। वे एनेस्थीसिया विशेषज्ञ भी हैं। वीडियो में डॉ. आशुतोष अपने हाथ में एक टैबलेट लिए हुए हैं, जिस पर वे अपने साथी डॉ. अभिषेक प्रजापति का चेहरा स्कैन कर उनकी उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं। सरकार ने सरकारी कर्मचारियों की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए सार्थक ऐप बनाया था। हालांकि, इस घटना से पता चलता है कि कुछ कर्मचारी ऐप का दुरुपयोग कर कार्यालय में अनुपस्थित रहते हुए भी अपनी हाजिरी लगवा रहे हैं। इस प्रकार अनुपस्थित डॉक्टर को सरकारी वेतन मिल रहा है, जबकि उनकी हाजिरी मध्य प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्रालय के पोर्टल पर दर्ज हो रही है। यह ऐप के दुरुपयोग और सरकारी नियमों के उल्लंघन का एक स्पष्ट उदाहरण है। इस संबंध में जिला अस्पताल के डॉक्टर बी एल टैगोर ने बताया कि, अगर सार्थक अप का दुरुपयोग पाया जाता है तो चेतावनी नोटिस जारी करेंगे साथ ही जब तक अनुपस्थित हैं तब तक की अटेंडेंस अनुपस्थित लगाई जाएगी। ईएमएस/ओमप्रकाश रघुवंशी/ 09 मई 2026