ज़रा हटके
10-May-2026
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नई दिल्ली (ईएमएस)। गर्मियों में अखरोट की तासीर गर्म मानी जाती है, इसलिए इसे खाने में सावधानी बरतनी चाहिए। कच्चा अखरोट गर्मियों में पेट में गर्मी, एसिडिटी या सीने में जलन पैदा कर सकता है। अखरोट सेहत के लिए बेहद फायदेमंद ड्राई फ्रूट माना जाता है, जो ओमेगा-3 फैटी एसिड, प्रोटीन, विटामिन, मिनरल और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होता है। इसे सुपरफूड भी कहा जाता है क्योंकि यह दिमाग की सेहत सुधारने, हार्ट हेल्थ बेहतर करने और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद करता है। इसमें मौजूद एंजाइम इन्हिबिटर्स पाचन को धीमा कर देते हैं, जिससे गैस और अपच की समस्या हो सकती है। इसके अलावा इसमें फाइटिक एसिड भी पाया जाता है, जो शरीर में मिनरल्स के अब्जॉर्प्शन को रोकता है। ऐसे में गर्मियों में अखरोट को भिगोकर खाना ज्यादा फायदेमंद माना जाता है। भिगोए हुए अखरोट में मौजूद एंजाइम इन्हिबिटर्स खत्म हो जाते हैं और फाइटिक एसिड का स्तर भी कम हो जाता है, जिससे पाचन आसान होता है और पोषक तत्वों का अवशोषण बेहतर होता है। भीगे हुए अखरोट की तासीर हल्की ठंडी हो जाती है, जो गर्मियों के मौसम के लिए उपयुक्त है। अखरोट को 6 से 8 घंटे तक पानी में भिगोकर रखना चाहिए, रातभर भिगोना सबसे अच्छा तरीका है। सुबह इसका छिलका उतारकर खाना चाहिए, क्योंकि छिलके में टैनिन पाया जाता है जो स्वाद को कड़वा बनाता है। रोजाना 2 से 4 भीगे हुए अखरोट खाना पर्याप्त होता है। गर्मियों में सही मात्रा और सही तरीके से अखरोट खाने के कई फायदे हैं। यह दिमाग के लिए बेहद फायदेमंद होता है क्योंकि इसमें मौजूद ओमेगा-3 फैटी एसिड याददाश्त और संज्ञानात्मक क्षमताओं को बेहतर बनाता है। यह दिल के स्वास्थ्य के लिए भी अच्छा है और कोलेस्ट्रॉल के स्तर को नियंत्रित करने में मदद करता है। अखरोट में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स त्वचा को ग्लोइंग बनाते हैं और बालों को मजबूत करते हैं। साथ ही इसमें मौजूद फाइबर भूख को नियंत्रित करने में सहायक होता है जिससे वजन कंट्रोल में रहता है। हालांकि, कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है। अखरोट की ज्यादा मात्रा खाने से दस्त या पेट खराब हो सकता है। अगर किसी को नट्स से एलर्जी है तो अखरोट का सेवन नहीं करना चाहिए। गर्मियों में कच्चे अखरोट खाने से बचें और हमेशा भीगे हुए अखरोट ही खाएं। सुदामा/ईएमएस 10 मई 2026