व्यापार
10-May-2026


- एशियाई विकास बैंक के मुख्य अर्थशास्त्री ने 2026 में 96 डॉलर/बैरल का अनुमान जताया नई दिल्ली (ईएमएस)। एशियाई विकास बैंक (एडीबी) के मुख्य अर्थशास्त्री ने चेतावनी दी है कि पश्चिम एशिया संकट के लंबे समय तक खिंचने से कच्चे तेल के दाम ऊंचे बने रहेंगे, जिसका सीधा असर भारत सहित एशियाई अर्थव्यवस्थाओं पर पड़ेगा। उन्होंने भारत की वृद्धि दर में कमी और महंगाई में तीव्र वृद्धि का अनुमान जताया है। एडीबी के मुख्य अर्थशास्त्री ने एक साक्षात्कार में कहा कि कच्चे तेल की कीमतें 2026 में औसतन 96 डॉलर प्रति बैरल और 2027 में 80 डॉलर प्रति बैरल रह सकती हैं, जो लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर बने रहने का संकेत है। उन्होंने बताया कि हाजिर बाजार में कमी के चलते निकट वायदा कीमतें भी ऊंची बनी हुई हैं। भारत पर पश्चिम एशिया संकट के असर पर उन्होंने कहा कि इससे देश की सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर 0.6 प्रतिशत घटकर 6.3 प्रतिशत रह जाएगी। साथ ही चालू वित्त वर्ष में महंगाई भी 2.4 प्रतिशत बढ़कर 6.9 प्रतिशत तक पहुंच जाएगी। भारत का आयातित तेल और गैस पर अत्यधिक निर्भरता इस बढ़ी हुई महंगाई का प्रमुख कारण है, हालांकि अगले वित्तीय वर्ष में वृद्धि में सुधार की उम्मीद है। क्षेत्रीय स्तर पर एडीबी ने 2026 के लिए एशिया-प्रशांत की वृद्धि दर का अनुमान 5.1 प्रतिशत से घटाकर 4.7 प्रतिशत कर दिया है। एल नीनो के संभावित प्रभाव पर, पार्क ने खाद्य उत्पादन, विशेषकर चावल की वैश्विक व्यापार में भारत की भूमिका पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि उर्वरक की बढ़ती कीमतें भी पैदावार और अंततः खाद्य कीमतों को प्रभावित कर सकती हैं, जिससे आपूर्ति में कमी की चुनौती बढ़ सकती है। सतीश मोरे/10मई ---