राष्ट्रीय
11-May-2026
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नई दिल्ली (ईएमएस)। गर्मी का मौसम में अचानक नाक से खून आना एक आम लेकिन चिंताजनक समस्या है। विशेषज्ञों के अनुसार तेज धूप, गर्म हवाएं और शरीर में पानी की कमी इस समस्या के मुख्य कारण बनते हैं। डॉक्टर बताते हैं कि गर्मियों में नाक के अंदर की नमी कम हो जाती है, जिससे इसकी अंदरूनी परत सूखकर कमजोर हो जाती है। मेडिकल भाषा में इसे एपिस्टेक्सिस कहा जाता है, जो खासतौर पर बच्चों और बुजुर्गों में अधिक देखने को मिलती है। नाक की त्वचा बेहद पतली और संवेदनशील होती है, जिसमें छोटी-छोटी रक्त नलिकाएं मौजूद रहती हैं। जब यह परत सूख जाती है, तो ये नलिकाएं आसानी से फट सकती हैं, जिससे खून बहने लगता है। कम नमी और गर्म हवा इस स्थिति को और गंभीर बना देती है। कई बार जोर से नाक साफ करने, बार-बार छींकने या हल्की चोट लगने से भी खून निकल सकता है। इसके अलावा एलर्जी, साइनस संक्रमण, या अन्य स्वास्थ्य समस्याएं भी इस परेशानी को बढ़ा सकती हैं। कुछ मामलों में हाई ब्लड प्रेशर या खून को पतला करने वाली दवाइयों का असर भी नाक से खून आने की वजह बनता है। इसलिए बार-बार ऐसी स्थिति होने पर डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी माना जाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि अचानक नाक से खून आने लगे, तो घबराने के बजाय सही प्राथमिक उपचार करना चाहिए। सबसे पहले व्यक्ति को सीधे बैठाकर सिर को हल्का आगे की ओर झुकाना चाहिए, ताकि खून गले में न जाए। इसके बाद नाक के नरम हिस्से को अंगूठे और उंगली से कुछ मिनट तक दबाकर रखना चाहिए और मुंह से सांस लेना चाहिए। माथे या नाक पर ठंडी पट्टी या बर्फ लगाने से खून का बहाव कम हो जाता है और जल्दी रुकने में मदद मिलती है। आमतौर पर ये उपाय कुछ ही मिनटों में असर दिखाते हैं। बार-बार इस समस्या से बचने के लिए कुछ सरल सावधानियां अपनाना जरूरी है। नाक के अंदर हल्का नारियल तेल या पेट्रोलियम जेली लगाने से नमी बनी रहती है और सूखापन कम होता है। इसके साथ ही गर्मियों में पर्याप्त पानी पीना बेहद जरूरी है, ताकि शरीर हाइड्रेट रहे। सुदामा/ईएमएस 11 मई 2026