कांग्रेस नेता जयराम का दावा- स्थिति कहीं ज्यादा गंभीर हो सकती नई दिल्ली,(ईएमएस)। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने सुझाव दिया है कि पीएम मोदी द्वारा नागरिकों से की गई सात अपीलें पश्चिम एशिया संकट से जुड़ी आर्थिक कठिनाइयों के बीच ईंधन की कीमतों में वृद्धि और मितव्ययिता उपायों की शुरुआत का संकेत हो सकती हैं। एक्स पर पोस्ट करते हुए रमेश ने कहा कि हैदराबाद में मोदी के संबोधन में की गई टिप्पणियों से संकेत मिलता है कि आर्थिक स्थिति सरकार द्वारा सार्वजनिक रूप से स्वीकार की गई स्थिति से कहीं ज्यादा गंभीर हो सकती है। उन्होंने लिखा कि पीएम मोदी ने रविवार को हैदराबाद से देश की जनता से की गई अप्रत्याशित अपील का मतलब निम्नलिखित हो सकता है। आर्थिक स्थिति आधिकारिक आंकड़ों और प्रधानमंत्री और उनके सहयोगियों द्वारा अब तक किए जा रहे दावों से कहीं जयदा गंभीर है। ईंधन की कीमतों में वृद्धि सहित कड़े मितव्ययिता उपायों को जल्द ही लागू किया जा सकता है और उन्हें जयादा स्वीकार्य बनाने के लिए माहौल तैयार किया जा रहा है। रमेश ने जमीनी आर्थिक वास्तविकता और सरकार के विकास और स्थिरता के दावों के बीच के अंतर की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि यह बात लंबे समय से स्पष्ट है कि जमीनी आर्थिक स्थिति उदाहरण के तौर पर वास्तविक वेतन में ठहराव, बढ़ते घरेलू कर्ज और रोजगार सृजन करने वाले निजी निवेश में गति की कमी मोदी सरकार के प्रचार से बिलकुल अलग है। पीएम मोदी ने पिछले दिन सिकंदराबाद में एक जनसभा को संबोधित करते हुए नागरिकों से आयात पर निर्भरता कम करने और जिम्मेदार उपभोग अपनाने का आग्रह किया, ताकि वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान और अंतरराष्ट्रीय संघर्षों के कारण बढ़ती लागत के बीच अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल सके। बता दें पीएम मोदी की अपीलों में खाद्य तेल की खपत कम करने, सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने, कार-पूलिंग को प्राथमिकता देने, इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने और आयात कम करने तथा विदेशी मुद्रा संरक्षण के लिए प्राकृतिक कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने का आह्वान शामिल था। सिराज/ईएमएस 11मई26