मुंबई,(ईएमएस)। बॉलीवुड अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडीस को महाठग सुकेश चंद्रशेखर से जुड़े 200 करोड़ रुपए के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सोमवार को बड़ा झटका लगा है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने उनकी सरकारी गवाह (अप्रूवर) बनने की अर्जी का कड़ा विरोध किया है। पटियाला हाउस कोर्ट ने अभिनेत्री जैकलीन के वकील को ईडी के जवाब पर अपना जवाब दाखिल करने के लिए समय दिया है, जिसकी अगली सुनवाई 12 मई को होगी। सुनवाई के दौरान ईडी ने अदालत को बताया कि जैकलीन ने जांच के दौरान बिल्कुल भी सहयोग नहीं किया था और उनका आचरण संतोषजनक नहीं रहा। जांच एजेंसी ने आरोप लगाया कि उन्होंने मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) की धारा 50 के तहत दर्ज अपने बयानों में पूर्ण और सही जानकारी देने में लगातार विफलता दिखाई। ईडी ने कहा कि जैकलीन को सुकेश चंद्रशेखर के आपराधिक इतिहास और धोखाधड़ी के बारे में पूरी जानकारी थी, इसके बावजूद उन्होंने उससे नियमित और लगातार संपर्क बनाए रखा। एजेंसी का दावा है कि सुकेश ने अपराध की आय से ही जैकलीन को महंगे उपहार और अन्य सामान दिलाए थे, जो कि मनी लॉन्ड्रिंग का हिस्सा था। दरअसल, सुकेश पर 200 करोड़ रुपए की ठगी और मनी लॉन्ड्रिंग के गंभीर आरोप हैं। इस हाई-प्रोफाइल केस में जैकलीन का नाम तब सामने आया था, जब जांच एजेंसी ने दावा किया कि सुकेश ने ठगी के इन्हीं पैसों से जैकलीन को करोड़ों के गिफ्ट्स दिए थे। इसी आधार पर ईडी ने उन्हें इस मामले में प्रमुख आरोपी बनाया था। जैकलीन ने हाल ही में कोर्ट में अर्जी दाखिल कर इच्छा जाहिर की थी कि वह इस मामले में सरकारी गवाह बनकर जांच एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग करने को तैयार हैं। हालांकि, ईडी ने उनके इस कदम पर सवाल उठाकर स्पष्ट किया है कि फिलहाल उनकी अर्जी को स्वीकार करने का कोई ठोस आधार नहीं दिखता, क्योंकि उनके पिछले आचरण में सहयोग की कमी स्पष्ट रही है। आशीष दुबे / 11 मई 2026