शाजापुर (ईएमएस)। इंसानियत और सेवा भाव की अनूठी मिसाल पेश करते हुए शाजापुर की गौरक्षा सेना ने एक बेजुबान की जान बचा ली। शहर के इंद्रानगर कॉलोनी में एक गोवंश लगभग 40 फीट गहरी सूखी कुंडी में जा गिरा था। सूचना मिलते ही गौरक्षकों ने तत्परता दिखाई और अपनी जान जोखिम में डालकर एक जटिल रेस्क्यू ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। इस दौरान गोवंश को बचाते हुए एक सदस्य घायल भी हुआ, लेकिन टीम के हौसले पस्त नहीं हुए। घटना सोमवार सुबह करीब 9 बजे की है। इंद्रानगर कॉलोनी के मां दुर्गा मंदिर प्रांगण में बनी गहरी कुंडी में गोवंश के गिरने की खबर मिलते ही गौरक्षा सेना की टीम मौके पर पहुंची। कुंडी लगभग 30 से 40 फीट गहरी और पूरी तरह सूखी थी, जिससे गोवंश को सुरक्षित बाहर निकालना एक बड़ी चुनौती था। हालात की गंभीरता को देखते हुए रेस्क्यू विशेषज्ञ अशोक खींची ने मोर्चा संभाला। वे बिना समय गंवाए रस्सी के सहारे उस गहरी कुंडी में उतरे और गोवंश को सुरक्षित रूप से रस्सियों से बांधा। इसके बाद ऊपर मौजूद टीम और स्थानीय नागरिकों ने उसे धीरे-धीरे ऊपर खींचना शुरू किया। मुंडेर पर अटकी सांसें, गोवंश को बचाने में छिले हाथ रेस्क्यू के दौरान सबसे चुनौतीपूर्ण पल तब आया जब गोवंश कुंडी की मुंडेर तक पहुंचा। बाहर आते ही गोवंश घबराकर बुरी तरह छटपटाने लगा, जिससे उसके वापस उसी गहरे गड्ढे में गिरने का खतरा पैदा हो गया। इस नाजुक वक्त में टीम के सदस्य हर्षित परमार ने अदम्य साहस का परिचय दिया। उन्होंने अपनी परवाह न करते हुए गोवंश को मजबूती से पकड़ लिया। इस जद्दोजहद में गोवंश के छटपटाने से हर्षित के पैर में चोट आई और रस्सियों की रगड़ से उनके हाथ बुरी तरह छिल गए। इसके बावजूद उन्होंने अपनी पकड़ नहीं छोड़ी और अंततः गोवंश को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। सुरक्षा के लिए उठाया गया त्वरित कदम इस घटना से सबक लेते हुए और भविष्य में ऐसे किसी हादसे की पुनरावृत्ति रोकने के लिए, स्थानीय रहवासियों ने रेस्क्यू के तुरंत बाद उस खुली कुंडी को ढक दिया। इस पूरे रेस्क्यू अभियान में इंद्रानगर के जागरूक नागरिकों के साथ-साथ गौरक्षा सेना के संस्थापक धर्मेन्द्र शर्मा, अशोक खींची, शिवम बिरथरे, हर्षित परमार, चंद्रशेखर जाटव, चिंटू परमार, कुणाल चौहान, आशीष शर्मा (राम) और आकाश माली सहित अन्य सदस्यों का अहम और सराहनीय योगदान रहा। ईएमएस / 11/05/2026