क्षेत्रीय
11-May-2026
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- बिल्डर की रैकी कर हैरी बॉक्सर तक पहुँचाई थी लोकेशन - क्राइम ब्रांच की एसआईटी को मिली बड़ी सफलता; आरोपी ने राजपाल और कुलदीप के साथ मिलकर रची थी साजिश :: इंदौर (ईएमएस)। लॉरेंस बिश्नोई गैंग द्वारा इंदौर के बिल्डर और कारोबारियों को दी गई धमकियों के मामले में क्राइम ब्रांच की एसआईटी ने एक और महत्वपूर्ण कड़ी को जोड़ने में सफलता प्राप्त की है। पुलिस ने आरोपी सचिन उर्फ वेद प्रकाश शर्मा को गिरफ्तार किया है, जिसने गैंग के गुर्गों को शहर के प्रतिष्ठित बिजनेसमैन के घर, ऑफिस और उनकी गतिविधियों की सटीक लोकेशन उपलब्ध कराई थी। आरोपी ने पूछताछ में स्वीकार किया है कि उसने अवैध लाभ कमाने की लालच में राजपाल चंद्रावत और कुलदीप चौहान की मदद की थी। पुलिस आयुक्त संतोष कुमार सिंह के निर्देश पर गठित एसआईटी इस पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने में जुटी है। इसी कड़ी में पूर्व में पकड़े गए आरोपी राजपाल निवासी नागदा से हुई कड़ी पूछताछ के बाद सचिन शर्मा का नाम सामने आया था। पुलिस ने साइबर सेल की तकनीकी मदद और मुखबिर तंत्र के जरिए जाल बिछाकर सचिन को धरदबोचा। :: सिग्नल ऐप के जरिए भेजी जाती थी जानकारी :: आरोपी सचिन ने प्रारंभिक पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उसने बताया कि वह और कुलदीप चौहान मिलकर फरियादी की प्रॉपर्टी और उनके आने-जाने के रास्तों की रैकी करते थे। यह तमाम गोपनीय जानकारियां और लोकेशन राजपाल चंद्रावत को दी जाती थीं। इसके बाद राजपाल इन जानकारियों को सुरक्षित सिग्नल ऐप के माध्यम से विदेश में बैठे गैंगस्टर हैरी बॉक्सर तक पहुँचाता था। इसी रैकी के आधार पर हैरी बॉक्सर बिल्डर को धमकाता था। :: हो सकते हैं कई और बड़े खुलासे :: क्राइम ब्रांच ने आरोपी के विरुद्ध थाना अपराध शाखा में बीएनएस की सुसंगत धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि सचिन से हो रही पूछताछ में शहर के कुछ अन्य सफेदपोशों या संदिग्धों के नाम भी सामने आ सकते हैं जो परोक्ष रूप से इस नेटवर्क का हिस्सा हैं। फिलहाल पुलिस आरोपी को रिमांड पर लेकर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या उसने अन्य कारोबारियों की भी रैकी की थी। इस कार्यवाही के बाद शहर के व्यापारिक जगत ने राहत की सांस ली है। प्रकाश/11 मई 2026