- 13 अप्रैल से धरने पर बैठी महिलाओं की अनदेखी पर घिरीं, उठ रहे कई सवाल - शराब दुकान को हटाने के लिए आवश्यक कार्यवाही का दिया आश्वासन बालाघाट (ईएमएस). नगर के वार्ड क्रमांक 12 बूढ़ी में शराब दुकान के विरोध में पिछले 29 दिनों से धरना दे रही महिलाओं के बीच सोमवार 11 मई को सांसद के पहुंचने से राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। देर से हुई इस पहल को लेकर अब कई सवाल खड़े हो रहे हैं। वार्ड क्रमांक 12 बूढ़ी में शराब दुकान के विरोध में महिलाएं 13 अप्रैल से लगातार धरना प्रदर्शन कर रही हैं। लंबे समय से चल रहे इस आंदोलन के बावजूद अब तक जनप्रतिनिधियों की सक्रियता नजर नहीं आई थी। सोमवार को अचानक सांसद धरना स्थल पर पहुंचीं और महिलाओं से मुलाकात कर उनका समर्थन किया। इस दौरान उन्होंने शराब दुकान को हटाने के लिए आवश्यक कार्रवाई करवाने का आश्वासन भी दिया। अप्रैल माह में दुकान के उद्घाटन समारोह में शामिल हुई थी सांसद हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम में सबसे बड़ा सवाल सांसद की देरी से सक्रियता को लेकर उठ रहा है। बताया जा रहा है कि अप्रैल माह में ही सांसद बालाघाट शहर में एक ज्वेलर्स दुकान के उद्घाटन कार्यक्रम में शामिल हुई थीं, लेकिन उस दौरान धरना दे रही महिलाओं से मिलने नहीं पहुंचीं। ऐसे में 29 दिन बाद अचानक आंदोलन स्थल पर पहुंचना कई तरह की चर्चाओं को जन्म दे रहा है। स्थानीय लोगों और महिलाओं का कहना है कि यदि समय रहते जनप्रतिनिधि उनकी समस्याओं पर ध्यान देते, तो आंदोलन इतना लंबा नहीं खिंचता। दुकान हटने तक जारी रहेगा आंदोलन महिलाओं ने सांसद के आश्वासन का स्वागत तो किया है, लेकिन साथ ही यह भी स्पष्ट किया है कि जब तक शराब दुकान हटाने को लेकर ठोस कार्रवाई नहीं होती, उनका धरना जारी रहेगा। इधर, महिला जनप्रतिनिधि होने के बावजूद लंबे समय तक आंदोलनरत महिलाओं की सुध नहीं लेना अब सांसद की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान खड़ा कर रहा है। अब देखना होगा कि दिया गया आश्वासन धरातल पर कितना उतरता है। भानेश साकुरे / 11 मई 2026