राज्य
11-May-2026


:: 1 जुलाई से लागू होगा नया कानून; कृषि सीजन में रहेगा 60 दिनों का विराम, सीधे खाते में आएगा पैसा :: इंदौर/भोपाल (ईएमएस)। मध्यप्रदेश के ग्रामीण विकास और रोजगार परिदृश्य में 1 जुलाई 2026 से एक नए युग की शुरुआत होने जा रही है। प्रदेश में विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (वीबी-जी राम-जी) अधिनियम-2025 पूरी तरह लागू हो जाएगा। इस नए कानून के प्रभावी होते ही बरसों से चली आ रही मनरेगा योजना स्वतः ही निरस्त हो जाएगी। नए अधिनियम का सबसे बड़ा आकर्षण अकुशल श्रमिकों के लिए रोजगार की अवधि को 100 दिन से बढ़ाकर 125 दिन करना है। भारत सरकार द्वारा अधिसूचित यह अधिनियम विकसित भारत @2047 के विजन को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य न केवल ग्रामीण परिवारों को आर्थिक सुरक्षा देना है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्थायी अधोसंरचना (इन्फ्रास्ट्रक्चर) खड़ा करना भी है। अधिनियम में प्रावधान है कि यदि काम मांगने पर समय सीमा में रोजगार नहीं मिला, तो श्रमिक बेरोजगारी भत्ता पाने का हकदार होगा। :: खेती के लिए 60 दिन का ब्रेक :: ग्रामीण अर्थव्यवस्था को संतुलन प्रदान करने के लिए इस अधिनियम में एक अनूठा प्रावधान विराम अवधि का रखा गया है। बुवाई और कटाई के पीक सीजन के दौरान साल में 60 दिनों तक इस मिशन के कार्य बंद रहेंगे। इससे कृषि कार्यों के लिए गांवों में श्रमिकों की पर्याप्त उपलब्धता बनी रहेगी और किसानों को मजदूरी संकट का सामना नहीं करना पड़ेगा। :: भ्रष्टाचार पर एआई और डिजिटल प्रहार :: पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए नई व्यवस्था में हाई-टेक तकनीकों का समावेश किया गया है। कार्यों की रियल टाइम निगरानी के लिए बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण, मोबाइल आधारित ट्रैकिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का उपयोग किया जाएगा। भुगतान पूरी तरह से डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से होगा। यदि भुगतान में देरी होती है, तो श्रमिक विलंबित क्षतिपूर्ति का पात्र होगा। :: पंचायतों के पास होगी कमान :: विकसित ग्राम पंचायत प्लान के तहत अब पंचायतें ही अपनी भौगोलिक स्थिति और जरूरतों के अनुसार कार्ययोजना तैयार करेंगी। श्रमिकों का पंजीकरण और रोजगार कार्ड जारी करने की जिम्मेदारी ग्राम पंचायतों की होगी। साथ ही, ग्राम सभाओं को नियमित सामाजिक अंकेक्षण (सोशल ऑडिट) का अधिकार दिया गया है। ब्लॉक और जिला स्तर की पंचायतें पर्यवेक्षण और निगरानी का जिम्मा संभालेंगी। :: जल्द जारी होंगे नियम :: राज्य सरकार भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप जल्द ही इस अधिनियम के विस्तृत नियम जारी करने वाली है। इसके लिए जमीनी स्तर पर बड़े पैमाने पर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। माना जा रहा है कि इस बदलाव से ग्रामीण क्षेत्रों में जल सुरक्षा, अधोसंरचना विकास और प्रतिकूल मौसम से निपटने के कार्यों को नई गति मिलेगी। प्रकाश/11 मई 2026