जिस गोदाम में आग लगी वहां कस्टम विभाग का रखा था जब्त सामान इस्लामाबाद,(ईएमएस)। पाकिस्तान के अशांत बलोचिस्तान प्रांत के मस्तुंग इलाके में बड़ा हादसा हुआ। यहां पहले से ही गैस की किल्लत की वजह से लोग गुब्बारों में भर-भरकर गैस ले जा रहे हैं। इसी बीच यहां के एक कस्टम्स वेयरहाउस में लगी आग ने एलपीजी टैंकर को अपनी चपेट में ले लिया। टैंकर में हुए विस्फोट के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस हादसे में कम से कम 35 लोग झुलस गए, जिनमें कई की हालत गंभीर है। रिपोर्ट के मुताबिक आग क्वेटा-करांची हाईवे पर स्थित लकपास इलाके के कस्टम्स परिसर में लगी थी। शुरुआती आग तेजी से फैलते हुए पार्किंग एरिया तक पहुंच गई, जहां कई ट्रक और अन्य वाहन खड़े थे। इसी दौरान एलपीजी से भरे एक टैंकर ने आग पकड़ ली और कुछ ही देर बाद उसमें जोरदार धमाका हुआ। विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि आसपास मौजूद लोगों में दहशत फैल गई और कई वाहन पूरी तरह जल गए। अधिकारियों ने बताया कि जिस गोदाम में आग लगी थी, वहां कस्टम विभाग द्वारा जब्त किया गया सामान रखा जाता था। आग की वजह से गोदाम में रखा अरबों रुपए का सामान जलकर राख हो गया। हादसे के समय मौके पर मौजूद मस्तुंग के डिप्टी कमिश्नर और अन्य अधिकारी भी धमाके की चपेट में आने से बाल-बाल बच गए। घायलों को तुरंत राहत और बचाव टीमों की मदद से क्वेटा के अस्पतालों में भर्ती कराया गया। चार घायलों की हालत बेहद गंभीर है। आग पर काबू पाने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। करीब 10 फायर ब्रिगेड की गाड़ियां घंटों तक आग बुझाने में जुटी रहीं। तेज हवाओं, आसपास खड़े दूसरे ज्वलनशील टैंकरों और संकरे रास्तों के कारण राहत कार्य प्रभावित हुआ। फिलहाल आग लगने की असली वजह का पता नहीं चल पाया है और जांच जारी है। बता दें ये दु्र्घटना ऐसे समय में हुई जब पाकिस्तान में फायर सेफ्टी को लेकर पहले से गंभीर सवाल उठते रहे हैं। रिपोर्ट में खुलासा हुआ था कि इस्लामाबाद की बड़ी संख्या में इमारतों के पास फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट नहीं हैं। इससे पहले करांची के गुल प्लाजा मॉल में लगी भीषण आग में 79 लोगों की मौत हो गई थी। उस घटना के बाद कैपिटल डेवलपमेंट अथॉरिटी ने इस्लामाबाद की करीब 6,500 इमारतों का सर्वे कराया था, जिसमें पाया गया कि ज्यादातर इमारतों में फायर सेफ्टी मानकों का पालन नहीं किया गया था। सिराज/ईएमएस 12मई26